रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में शांति स्थापना की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने सोमवार को सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के ग्राम पंचायत चिमलीपेंटा के आश्रित गांव पुवर्ती का दौरा किया। ये वही गांव है, जिससे राज्य के दो सबसे बड़े नक्सली लीडर — माड़वी हिड़मा और बारसे देवा का संबंध रहा है।
इन इलाकों में शासन और प्रशासन की टीम पहुंची। यहां विजय शर्मा ने हिड़मा की मां माड़वी पुंजी और बारसे देवा की मां बारसे सिंगे से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने हिड़मा की माँ से कहा कि वो अपने बेटे से कहे की वो हथियार छोड़ कर मुख्यधारा में लौट आए। इसपर दोनों माताओं ने वीडियो संदेश जारी कर अपने बेटों से मुख्यधारा में लौटने की भावुक अपील की।
हिड़मा की माँ माड़वी पुंजी ने कहा- “कहाँ पर हो कि आ जाओ कह रही हूं। नहीं आ रहा है तो मैं कैसे करूँ… कहीं आसपास रहने से ढूढ़ने भी जाती जंगल में… आजा बेटा, घर आजा… जनता के साथ जी लेना, आ जाओ।” वहीं बारसे देवा की माँ बारसे सिंगे ने कहा- “घर पर रहकर कमाई करके जीते… मत जाओ बोली थी, फिर भी चला गया…अब घर आ जाओ, सरेंडर करके घर में काम करेंगे, अच्छा रहेगा। मैं कहाँ ढूंढूं जंगल में?”
दोनों माँ की भावुक अपील के बाद डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा —“हम बस्तर में अधिक से अधिक पुनर्वास करवाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि स्थायी शांति स्थापित हो सके। इसी दिशा में आज पुवर्ती गांव जाकर हिड़मा की मां और परिवार से मुलाकात की। हमने साथ में भोजन किया। उनकी मां ने वीडियो के माध्यम से अपने बेटे से घर वापसी की मार्मिक अपील की है। जहां आज वो खड़ा है, वहाँ कोई रास्ता नहीं है। उन्हें पुनर्वास की राह पर आना चाहिए — सरकार उनकी पूरी चिंता करेगी। पुनर्वास का मतलब है — बस्तर की जनता के साथ खड़ा होना।”
मुलाकात के दौरान उपमुख्यमंत्री के साथ बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, बस्तर आईजी सुंदरराज पी., कलेक्टर देवेश ध्रुव, एसपी किरण चौहान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना की और उम्मीद जताई कि हिड़मा और बारसे देवा जैसे नेता भी अब हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौट आएंगे।










