रायपुर। प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव मध्य भारत के सबसे बड़े शिक्षा आयोजन “ब्लूम एजुकेशनल एक्सपो में शामिल हुए। इस आयोजन में देशभर के शिक्षाविदों, स्कूल प्रबंधकों, शोधकर्ताओं, शिक्षा उद्यमियों एवं विद्यार्थी शामिल हुए। इस मौके पर मंत्री यादव ने कहा- विद्यालय केवल भवन नहीं, बल्कि भविष्य की मिट्टी हैं, जहाँ संस्कार, ज्ञान और कौशल का संगम होता है। शिक्षा का अर्थ केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि जीवन में आत्मनिर्भरता और सृजनशीलता लाना है।”
मंत्री यादव ने बताया कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अनेक नवाचार किए जा रहे हैं, जिनमें डिजिटल शिक्षण की पहल, प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण, और शिक्षकों की संख्या एवं गुणवत्ता में सुधार जैसे कदम शामिल हैं। उन्होंने एक्सपो की सराहना करते हुए कहा- देशभर में अनेक प्रकार के मेले और एक्सपो लगते हैं, परंतु आप सभी ने शिक्षा के क्षेत्र में ‘एजुकेशन एक्सपो’ जैसा आयोजन किया, यह सराहनीय और दूरदर्शी पहल है।”
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लागू की गई नई शिक्षा नीति (NEP) का भी उल्लेख किया। जिसमे उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति युवाओं को केवल नौकरी पाने नहीं, बल्कि नौकरी देने योग्य बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। यह नीति कौशल, रचनात्मकता और उद्यमशीलता को बढ़ावा देती है।”
मंत्री यादव ने कहा कि आज के समय में व्यवसाय के स्वरूप में बड़ा परिवर्तन आया है। पहले पेंटिंग या कला को शौक माना जाता था, लेकिन आज यही कला लाखों की आय का साधन बन चुकी है। आज पेंटिंग 2 से 5 लाख रुपये तक का मूल्य पा रही है। यह बदलाव शिक्षा नीति के माध्यम से आए दृष्टिकोण परिवर्तन का प्रमाण है।










