रायपुर: ऑनलाइन महादेव सट्टा ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। ईडी के रायपुर जोनल कार्यालय ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत दिल्ली के बड़े कारोबारी विकास गर्ग, उनके रिश्तेदारों और सहयोगियों की 940.77 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) कर लिया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि महादेव ऐप और स्काई एक्सचेंज के जरिए कमाए गए काले धन को सफेद (व्हाइट) करने के लिए शेयर बाजार और विदेशी निवेश का सहारा लिया गया था।
दिल्ली, गोवा और नैनीताल की आलीशान संपत्तियां अटैच
ईडी द्वारा जारी प्रोविजनल ऑर्डर के अनुसार, कुर्क की गई संपत्तियों में दिल्ली स्थित विकास गर्ग का आलीशान निवास, गोवा और नैनीताल के दफ्तर व कमर्शियल लैंड शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न बैंकों में जमा वित्तीय परिसंपत्तियां, इक्विटी शेयर और अन्य सिक्योरिटीज को भी फ्रीज किया गया है।
काली कमाई से खरीदा अमेरिका का ‘एबिक्स’ साम्राज्य
विकास गर्ग शेयर बाजार में लिस्टेड तीन प्रमुख कंपनियों—’विकास ईकोटेक’, ‘विकास लाइफकेयर’ और ‘एराया लाइफस्पेसेज’ (Eraaya Lifespaces) के प्रमोटर हैं। विकास ने साल 2024 में उस समय वैश्विक स्तर पर सुर्खियां बटोरी थीं, जब उनकी कंपनी एराया लाइफस्पेसेज ने अमेरिका की दिवालिया हो चुकी दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी ‘एबिक्स’ (Ebix Inc.) को खरीद लिया था।
ईडी का बड़ा खुलासा: जांच एजेंसी के मुताबिक, एबिक्स को किसी व्यावसायिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि सट्टेबाजी के काले धन को खपाने के लिए खरीदा गया था। महादेव ऐप के जरिए कमाए गए ₹940 करोड़ को फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स (FPI) के माध्यम से ‘एराया लाइफस्पेसेज’ के क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) में रूट किया गया और इस पैसे का इस्तेमाल एबिक्स की 75% से अधिक हिस्सेदारी खरीदने में किया गया। इस हिस्सेदारी को भी ईडी ने अब अटैच कर लिया है।
दुर्ग पुलिस की FIR से खुला था सट्टे का यह ‘इंटरनेशनल सिंडिकेट’
इस महाघोटाले की जांच की जड़ें छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में दर्ज शुरुआती एफआईआर से जुड़ी हैं। बाद में ईडी ने छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों सहित आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में दर्ज मामलों को भी अपनी जांच के दायरे में लिया।
जांच में सामने आया कि महादेव ऑनलाइन बुक और स्काई एक्सचेंज का पूरा सिंडिकेट विदेशों (मुख्यतः दुबई) से संचालित हो रहा था। यह गैंग ‘फ्रेंचाइजी आधारित पैनल सिस्टम’ पर काम करता था। भारत में एजेंटों और सब-एजेंटों का एक बड़ा जाल फैलाकर हर महीने करीब 450 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की जा रही थी।
अब तक कुल ₹3,800 करोड़ की संपत्तियां कुर्क
महादेव सट्टा ऐप मामले में ईडी अब तक कुल 8 प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी कर चुकी है। विशेष PMLA कोर्ट में मुख्य चार्जशीट के साथ-साथ कई सप्लीमेंट्री चार्जशीट (पूरक अभियोजन शिकायतें) भी दाखिल की जा चुकी हैं, जिन पर सुनवाई जारी है।
इस ताजा कार्रवाई से पहले ईडी ने ₹2,825 करोड़ रुपये की विदेशी और घरेलू संपत्तियां कुर्क की थीं। अब विकास गर्ग की ₹940.77 करोड़ की संपत्ति अटैच होने के बाद, इस पूरे मामले में जब्त की गई कुल संपत्ति का आंकड़ा करीब 3 हजार 800 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जिससे सट्टा नेटवर्क से जुड़े सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है।










