कोरबा। छत्तीसगढ़ के ऊर्जाधानी कहे जाने वाले कोरबा जिले के बालको थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ घर के मामूली विवाद के बाद निकली दो बच्चों की मां को मदद का झांसा देकर, पति के ही एक पुराने परिचित ने अपने साथी के साथ मिलकर हवस का शिकार बनाया। दरिंदे महिला को सुरक्षित घर छोड़ने के बहाने मोटरसाइकिल पर बैठाकर जंगल ले गए और वारदात को अंजाम दिया। हालांकि, पीड़िता की शिकायत पर तत्परता दिखाते हुए बालको पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
खाना बनाने की बात पर हुआ था विवाद, मंदिर में ली थी शरण
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला के दो बच्चे हैं। बीते 15 मई 2026 की शाम को घर में खाना बनाने जैसी मामूली बात को लेकर उसका अपने पति से विवाद हो गया था। पति से नाराज होकर महिला उसी वक्त घर से निकल गई और बालको पुल के पास एक सब्जी दुकान के पास जाकर रुक गई। रात जब काफी अधिक हो गई, तो महिला ने खुद को सुरक्षित रखने के लिए पास के ही एक मंदिर में शरण ली और पूरी रात वहीं गुजारी।
‘परिचित’ ने मदद के बहाने बुना जाल
अगली सुबह (16 मई) महिला ऑटो पकड़कर बालको इलाके में पहुंची। वहां उसकी मुलाकात उसके पति के एक पुराने परिचित जाबिद और उसके साथी निरंजन से हुई। चूंकि जाबिद का पीड़िता के घर पहले से आना-जाना था और वह पति का दोस्त था, इसलिए महिला ने उस पर आंख मूंदकर भरोसा कर लिया। आरोप है कि जाबिद के कहने पर निरंजन पहले महिला को कुछ देर के लिए अपने घर ले गया। इसके बाद शाम को दोनों आरोपियों ने महिला को सुरक्षित उसके घर छोड़ने का झांसा दिया और अपनी मोटरसाइकिल पर बैठा लिया।
सुनसान जंगल में ले जाकर जबरन पिलाई शराब, फिर की दरिंदगी
आरोपी महिला को उसके घर छोड़ने के बजाय लालघाट क्षेत्र की तरफ ले गए। सुनसान और निर्जन रास्ता देखकर आरोपियों ने महिला को डराया-धमकाया और जबरन शराब पिलाई। इसके बाद वे उसे जंगल के भीतर ले गए, जहाँ एक आरोपी ने उसके साथ अनाचार (दुष्कर्म) किया। पीड़िता का आरोप है कि बाद में वहां दूसरे आरोपी को भी बुला लिया गया था और दोनों ने मिलकर उसके साथ दरिंदगी की।
मामी के घर ली शरण, CSP की त्वरित कार्रवाई से आरोपी पहुंचे जेल
वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों दरिंदे महिला को बदहवास हालत में जंगल में ही छोड़कर फरार हो गए। पीड़िता ने किसी तरह हिम्मत जुटाई और वहां से निकलकर अपनी मामी के घर पहुंची, जहां उसने रोते हुए पूरी आपबीती सुनाई। इसके बाद 19 मई को पीड़िता ने बालको थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोरबा नगर के सीएसपी (CSP) प्रतीक चतुर्वेदी ने तत्काल विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों नामजद आरोपियों— जाबिद और निरंजन को धरदबोचा। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले के अन्य तकनीकी व वैज्ञानिक पहलुओं की जांच कर रही है ताकि कोर्ट में आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।









