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प्रसिद्ध कुदरगढ़ देवी धाम परिसर में लगी भीषण आग, मनोकामना ज्योति कलश भवन चपेट में

सूरजपुर। सरगुजा संभाग के सुप्रसिद्ध और आस्था के बड़े केंद्र कुदरगढ़ देवी धाम मंदिर परिसर से एक बेहद डराने वाली खबर सामने आई है। शुक्रवार को मंदिर परिसर में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया और परिसर के एक बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे के बाद मंदिर में दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं और स्थानीय दुकानदारों में हड़कंप मच गया और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया।

अगरबत्ती की चिंगारी से भड़की आग, दान पेटी और ज्योति कलश भवन तक पहुंची

मिली जानकारी के अनुसार, आग की शुरुआत मंदिर परिसर में नारियल फोड़ने वाले स्थान के पास से हुई। अमूमन श्रद्धालु इसी जगह पर पूजा-अर्चना के बाद अगरबत्ती जलाते हैं। बताया जा रहा है कि जलती हुई अगरबत्ती से निकली एक छोटी सी चिंगारी ने धीरे-धीरे सुलगकर विकराल रूप ले लिया।

आग की लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि वे परिसर में रखी दान पेटी तक पहुंच गईं। इसके बाद आग ने विकराल रूप धारण करते हुए ‘मनोकामना ज्योति कलश भवन’ को भी अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत रही कि स्थानीय लोगों, सेवादारों और मंदिर प्रबंधन ने मुस्तैदी दिखाते हुए अपने स्तर पर आग बुझाने के प्रयास शुरू किए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

न फायर एक्स्टिंग्विशर, न सुरक्षा इंतजाम: भगवान भरोसे श्रद्धालुओं की जान!

इस भीषण आगजनी ने कुदरगढ़ जिला प्रशासन और मंदिर सेवा समिति के दावों की पोल खोलकर रख दी है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इतने बड़े और संवेदनशील धार्मिक स्थल पर आगजनी से निपटने के लिए कोई बुनियादी उपाय मौजूद नहीं थे।

परिसर के भीतर पर्याप्त संख्या में अग्निशामक उपकरण (Fire Extinguishers) तक नहीं थे और न ही आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कोई पुख्ता सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। अगर आग समय रहते काबू में नहीं आती, तो ज्योति कलश भवन में रखे घी और तेल के दीयों के कारण भारी तबाही हो सकती थी।

प्रशासन और मंदिर समिति पर उठे गंभीर सवाल

लाखों लोगों की आस्था के केंद्र कुदरगढ़ धाम में हुई इस लापरवाही के बाद अब क्षेत्र के लोगों और श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि:

  • नवरात्रि और आम दिनों में लाखों की भीड़ जुटाने वाले इस मंदिर में फायर ऑडिट क्यों नहीं कराया गया?
  • अगरबत्ती और ज्योति कलश जैसी संवेदनशील जगहों पर आग बुझाने के आधुनिक इंतजाम क्यों नहीं हैं?

फिलहाल, स्थानीय स्तर पर आग पर काबू पा लिया गया है और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन इस घटना ने भविष्य के लिए एक बड़ी चेतावनी दे दी है। अब देखना होगा कि इस हादसे के बाद प्रशासन जागता है या व्यवस्थाएं यूँ ही ‘भगवान भरोसे’ चलती रहेंगी।

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