बिलासपुर। बिलासपुर रेलवे प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लेते हुए बिलासपुर स्टेशन के पास स्थित 55 साल पुराने गुड्स शेड (माल गोदाम) को आगामी 28 मई से स्थायी रूप से बंद करने की घोषणा की है। इसके स्थान पर अब उसलापुर स्टेशन में नया ‘पब्लिक गुड्स शेड’ शुरू किया गया है। 28 मई के बाद से सभी व्यापारी, परिवहनकर्ता और आम उपभोक्ता माल की बुकिंग और डिलीवरी उसलापुर से ही कर सकेंगे।
रेलवे ने नए उसलापुर गुड्स शेड के लिए अल्फा कोड UGSU और न्यूमेरिकल कोड 14122915 जारी किया है, जिसका उपयोग बुकिंग प्रक्रिया में करना अनिवार्य होगा। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनुराग कुमार सिंह ने सभी ग्राहकों से नए स्टेशन और कोड का उपयोग करने की अपील की है।
वंदे भारत वाशिंग यार्ड के लिए बंद हुआ माल गोदाम
रेलवे प्रशासन के मुताबिक, इस ऐतिहासिक माल गोदाम को बंद करने की मुख्य वजह देश की आधुनिक ट्रेन ‘वंदे भारत’ है। बिलासपुर रेलवे स्टेशन के नजदीक स्थित इस जमीन पर वंदे भारत ट्रेन के लिए एक अत्याधुनिक वाशिंग यार्ड का निर्माण किया जाना है। इसी बड़ी परियोजना के चलते माल गोदाम को स्थानांतरित (शिफ्ट) करने का फैसला लिया गया है, ताकि ट्रेनों का संचालन और रखरखाव अधिक प्रभावी व व्यवस्थित तरीके से हो सके।
500 परिवारों पर गहराया रोजगार का संकट, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
रेलवे के इस फैसले से जहां विकास को गति मिलेगी, वहीं सालों से इस माल गोदाम से जुड़े श्रमिकों, हम्मालों और ट्रांसपोर्टरों में भारी निराशा और चिंता है। व्यापार विहार स्थित इस रैक पॉइंट के बंद होने से करीब 500 परिवारों की आजीविका पर सीधा संकट खड़ा हो गया है।
‘रेलवे कामगार मजदूर यूनियन’ और ‘ट्रक मालिक संघ’ के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, रेलवे महाप्रबंधक (GM) और डीआरएम (DRM) सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर अपनी समस्याएं बताईं और एक ज्ञापन सौंपा है। यूनियन के अनुसार, इस काम से लगभग 200 हमाल मजदूर, 50 से अधिक ट्रक मालिक और 300 से ज्यादा ड्राइवर-हेल्पर सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं।
समय और जेब दोनों पर पड़ेगी भारी मार
यूनियन के अध्यक्ष शत्रुहन रात्रे, महासचिव उबारन कुर्रे और संरक्षक अभय नारायण राय ने बताया कि बिलासपुर का मुख्य व्यापारिक केंद्र ‘व्यापार विहार’ है। वर्तमान माल गोदाम से व्यापार विहार की दूरी महज 2 किलोमीटर थी, जिससे खाद्य सामग्री (तेल, नमक, शक्कर आदि) का 70 प्रतिशत हिस्सा आसानी से और कम लागत में व्यापारियों तक पहुंच जाता था। लेकिन अब उसलापुर रैक पॉइंट से व्यापार विहार की दूरी 11 से 15 किलोमीटर हो जाएगी। इससे माल ढुलाई में समय और खर्च (ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट) दोनों काफी बढ़ जाएगा, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर भी पड़ सकता है।
प्रभावितों की प्रमुख मांगें:
मजदूरों और ट्रांसपोर्टरों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
- काम में प्राथमिकता: उसलापुर लोखड़ी फाटक के पास स्थानांतरित हो रहे नए माल धक्का स्थल पर पिछले 30-40 वर्षों से कार्यरत पंजीकृत ट्रक मालिक संघ और रेलवे मजदूर यूनियन को ही प्राथमिकता से काम दिया जाए।
- मूलभूत सुविधाएं और सुरक्षा: नया रैक पॉइंट पूरी तरह शुरू होने से पहले वहां श्रमिकों, ट्रांसपोर्टरों और व्यापारियों के लिए बुनियादी सुविधाएं (पानी, शेड, शौचालय) और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
- मानवीय दृष्टिकोण: पीढ़ियों से इस काम पर निर्भर श्रमिकों की आजीविका को सुरक्षित रखने के लिए रेलवे और जिला प्रशासन मानवीय आधार पर ठोस निर्णय ले।









