राजिम/गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले की देवभोग पुलिस ने नशा माफियाओं के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए उड़ीसा से आ रही गांजे की एक बड़ी खेप को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने दो आलीशान कारों की घेराबंदी कर कुल 156.06 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। इस मामले में पुलिस ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले 4 शातिर तस्करों और एक अपचारी बालक (नाबालिग) को गिरफ्तार किया है। ज़ब्त किए गए मादक पदार्थ और दोनों वाहनों की कुल कीमत ₹86,53,000 आंकी गई है।
मुखबिर की सटीक सूचना पर बिछाया जाल, दो अलग-अलग गाड़ियों से तस्करी
देवभोग पुलिस को मुखबिर से पुख्ता इनपुट मिला था कि उड़ीसा की सीमा से भारी मात्रा में गांजे की खेप छत्तीसगढ़ के रास्ते मध्य प्रदेश ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल विभिन्न रास्तों पर नाकेबंदी कर वाहनों की सघन चेकिंग शुरू की। इस दौरान पुलिस ने दो बड़ी कार्रवाइयों को अंजाम दिया:
- कार्रवाई 01 (स्विफ्ट डिजायर से 80 किलो गांजा): ग्राम मुरलीगुड़ा-डोंगरीपारा मार्ग पर पुलिस ने जब एक संदिग्ध स्विफ्ट डिजायर कार (MP 04 BD 7321) को रोकने का इशारा किया, तो तस्करों ने भागने की कोशिश की। रफ्तार तेज होने के कारण उनकी कार अनियंत्रित होकर एक नीम के पेड़ से जा टकराई। पुलिस ने फुर्ती दिखाते हुए कार को चारों तरफ से घेर लिया। तलाशी लेने पर गाड़ी से 3 बोरियों में बंद 80 किलो गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत लगभग ₹40 लाख है।
- कार्रवाई 02 (एस-क्रॉस से 76.06 किलो गांजा): दूसरी नाकेबंदी के दौरान पुलिस टीम ने पुलिया के पास एक एस-क्रॉस कार (MP 04 KG 0614) को रोका। इस लग्जरी कार की तलाशी लेने पर 4 प्लास्टिक की बोरियों में छिपाकर रखा गया 76.06 किलो गांजा मिला, जिसकी कीमत करीब ₹38.03 लाख है।
भोपाल के रहने वाले हैं सभी आरोपी, NDPS एक्ट के तहत जेल दाखिल
पुलिस ने दोनों मामलों में कुल 156.06 किलो गांजा और तस्करी में इस्तेमाल हो रही दोनों कारों को ज़ब्त कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी भोपाल (मध्य प्रदेश) के रहने वाले हैं, जो अंतर्राज्यीय ड्रग सिंडिकेट का हिस्सा बताए जा रहे हैं। पकड़े गए आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं:
- राहुल राजपूत (21 वर्ष) — बाजपेई नगर, भोपाल
- संजय बामने (23 वर्ष) — बाजपेई नगर, भोपाल
- अनिकेत उर्फ अंकित पाल (26 वर्ष) — गांधी नगर, भोपाल
- साहिल खान (22 वर्ष) — बाजपेई नगर, भोपाल
- विधि से संघर्षरत बालक — लालघाटी, कोहेफिज़ा, भोपाल
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ NDPS Act (स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम) के तहत गैर-जमानती अपराध दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
‘नाम रहेगा गुप्त, नशे के खिलाफ दें सूचना’ — एसपी
गरियाबंद पुलिस अधीक्षक ने इस बड़ी कामयाबी पर देवभोग पुलिस टीम की पीठ थपथपाई है। उन्होंने कहा कि जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उनके आस-पास अवैध नशे का कारोबार या परिवहन हो रहा हो, तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। सूचना देने वाले नागरिक का नाम और पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।









