Trendingछत्तीसगढबड़ी खबर

कुर्ता विवाद में घिरे कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव, खुद कुर्ता फाड़ने का वीडियो वायरल होने पर मची सियासी रार, 9 पर FIR

बिलासपुर। नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद भिलाई से कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव एक बड़े विवाद में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक कथित वीडियो ने छत्तीसगढ़ का राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। इस वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि प्रदर्शन के दौरान जिस कुर्ते को पुलिस द्वारा फाड़े जाने का आरोप विधायक ने लगाया था, उसे वे खुद अपने हाथों से फाड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने नियमों के उल्लंघन के आरोप में विधायक समेत 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) भी दर्ज की है।

क्या है पूरा मामला?
दरअसल, नीट पेपर लीक के विरोध में एनएसयूआई (NSUI) कार्यकर्ताओं और कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के आवास का घेराव करने का प्रयास किया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस और भारी धक्का-मुक्की हुई थी। प्रदर्शन के ठीक बाद विधायक देवेंद्र यादव ने मीडिया के सामने आकर आरोप लगाया था कि पुलिस ने बर्बरता दिखाई और कार्रवाई के दौरान उनका कुर्ता फाड़ दिया।

वायरल वीडियो ने पलटी पूरी बाजी
अब सोशल मीडिया पर सामने आए एक कथित वीडियो ने इस पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है।

वीडियो में क्या है: वायरल वीडियो के आधार पर दावा किया जा रहा है कि भीड़ के बीच विधायक देवेंद्र यादव खुद अपने कुर्ते को खींचकर फाड़ते हुए नजर आ रहे हैं।

विपक्ष का हमला: वीडियो सामने आते ही सत्तापक्ष और विपक्षी दलों ने इसे ‘पॉलिटिकल स्टंट’ और ‘राजनीतिक नाटक’ करार देते हुए विधायक पर चौतरफा हमला शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर भी यूज़र्स इस वीडियो को लेकर तरह-तरह के सवाल उठा रहे हैं।

बिना अनुमति कलेक्ट्रेट घेराव: विधायक समेत 9 पर FIR
इस पूरे बवाल के बीच प्रशासन ने भी कड़ा रुख अख्तियार किया है। प्रतिबंधित क्षेत्र में जबरन प्रवेश करने, नियमों का उल्लंघन करने और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने के आरोप में सिविल लाइन थाना पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने विधायक देवेंद्र यादव सहित 9 नामजद लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

छत्तीसगढ़ की सियासत में उबाल
वीडियो वायरल होने के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम पर है। जहां भाजपा इसे जनता की सहानुभूति बटोरने का फ्लॉप ड्रामा बता रही है, वहीं कांग्रेस समर्थक और उनके साथी इस वायरल वीडियो की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, इस वायरल वीडियो की प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है, लेकिन इसने बिलासपुर से लेकर रायपुर तक सियासी माहौल को पूरी तरह गर्मा दिया है।

Related Posts

छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर पर कलाकार को मिला कॉपीराइट, तीन साल की जद्दोजहद के बाद हासिल हुआ अधिकार

रायपुर। छत्तीसगढ़ की पहचान और गौरव का प्रतीक बन चुकी ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ की…

1 of 477