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नई जंग की तैयारी? ईरान बोला- ‘…तो डुबो देंगे पूरी दुनिया की इकॉनमी’

तेहरान ने कूटनीति को एक बड़ा झटका दिया है, कागजों पर हुए समझौतों को मलबे में फेंकते हुए ईरान ने सीधे ‘मिनी वॉर प्लान’ को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है. ईरान का साफ संदेश है, अगर उसका तेल समंदर में फंसा रहातो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को समंदर में डुबो दिया जाएगा. ईरान के इन बयानों से लग रहा है कि खाड़ी में नए युद्ध की शुरुआत के संकेत हैं?

कागजों पर समझौते उलझे, समंदर में बारूद सुलग रहा है. नाटो और पेंटागन की युद्धनीति पहले ही फेल हो चुकी है, कूटनीति का दांव भी विफल हो गया. अब ट्रंप की विस्तारवाद की जिद ने ऐसा रास्ता खोल दिया है, जो पूरे अरब क्षेत्र के लिए सबसे बड़े तूफान की दस्तक दे रहा है. ईरान ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका ने अगर नाकाबंदी नहीं हटाई तो वह पांच अलग-अलग फ्रंट पर ब्लॉकेड लगा देगा. यानी फारस की खाड़ी, होर्मुज स्ट्रेट, ओमान की खाड़ी, बाब अल-मंदेब स्ट्रेट और अदन की खाड़ी सब ब्लॉक कर दिया जाएगा. यानी अरब से दुनिया भर में जाने वाला हर तेल का रास्ता ईरान बंद कर सकता है.

6.7 करोड़ बैरल तेल फंसा, ईरान का बौखलापन बढ़ा
ईरान लंबे प्रतिबंधों और आर्थिक दबाव से बुरी तरह बौखला चुका है. अमेरिकी नाकाबंदी से ईरान का करीब 6.7 करोड़ बैरल तेल ओमान की खाड़ी में ही फंसा हुआ है. रिफाइनरी में प्रोडक्शन लगातार हो रहा है, लेकिन स्टोरेज क्षमता खत्म हो रही है. ईरान पहले ही कुछ तेल समंदर में बहा चुका है. कुछ शिपिंग कंपनियां टोल देकर होर्मुज पार तो कर रही हैं, लेकिन अमेरिकी उन्हें रोक रहे हैं. इससे ईरान का गुस्सा चरम पर है. जानकारों के मुताबिक ईरान के पास अब तीन ही रास्ते बचे हैं.-

अमेरिका के सामने सरेंडर
अमेरिकी नाकाबंदी तोड़ देना
अरब देशों पर हमला करके दबाव बनाना
पहले विकल्प को छोड़ दें तो बाकी दो विकल्पों का मतलब है, भयंकर युद्ध.

होर्मुज पर सिर्फ ईरान और ओमान का ही अधिकार
ईरान ने एक नया कूटनीतिक फॉर्मूला भी पेश किया है, जिसमें होर्मुज का भविष्य सिर्फ ईरान और ओमान तय कर सकते हैं. किसी तीसरे देश की कोई मध्यस्थता नहीं चलेगी. भौगोलिक तौर पर देखें तो होर्मुज स्ट्रेट के जिस उथले हिस्से से जहाज गुजरते हैं, वह 3-3 किमी की शिपिंग लेन और 3 किमी का बफर जोन पूरी तरह ईरान और ओमान की समुद्री सीमा में आता है. ईरान पहले से ही यहां कब्जा किए हुए है और अब ओमान के साथ मिलकर पूरा नियंत्रण चाहता है. अगर ऐसा नहीं हुआ, तो ईरान बड़ी तबाही के लिए तैयार है.

ट्रंप खेल रहे डबल गेम
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप डबल गेम खेल रहे हैं. एक तरफ वॉर्ता का दिखावा, दूसरी तरफ मिनी वॉर मॉडल को बढ़ाने की तैयारी. नाकाबंदी कड़ी कर दी गई है और सैन्य तैनाती बढ़ाई जा रही है. लेकिन ईरान अब यह छलयुद्ध समझ चुका है. उसने मिसाइल प्रोडक्शन तेज कर दिया है. ईरान का मिशन 300 कभी भी शुरू हो सकता है. इस योजना के तहत ईरान एक-एक मिनट में एक देश को तबाह कर सकता है. मिसाइलों की रेंज और हमले का समय कुछ इस प्रकार है.

ईरान के पास खुर्रमशहर (रेंज 2000+ किमी), सेजिल (1800 किमी) और तह हाइपरसोनिक मिसाइल जैसे हथियार हैं, जो किसी भी एयर डिफेंस को चकमा दे सकते हैं.

क्या है आगे का सिनेरियो?
विशेषज्ञों के अनुसार अगर खाड़ी देशों पर हमले हुए तो वे घबराकर ट्रंप पर दबाव बनाएंगे. तब ट्रंप को ईरान के साथ स्थायी युद्धविराम पर हस्ताक्षर करने मजबूर होना पड़ सकता है. लेकिन अभी यह सिर्फ ईरान की योजना है, ट्रंप का प्लान अभी बाकी है.

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