कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने रचनात्मक कांग्रेस राष्ट्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर के छात्र अपनी आवाज उठाना चाहते थे लेकिन सरकार ने कहा कि ऐसा नहीं कर सकते. मैं उत्तराखंड की बलात्कार पीड़िता के परिवार से मिला. उन्हें न्याय नहीं मिला. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार लोगों की बात सुनना नहीं चाहती है, हम इनको पागल कर देंगे.
राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर टिप्पणी की. उन्होंने नरेंद्र मोदी रात को नहीं सोते हैं, इसके कई कारण हैं. कई कारण छुपे हुए हैं. इसके बाद उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा. कहा कि अमित शाह जो कि सो कॉल्ड चाणक्य और सरदार पटेल हैं, भाग गए. संसद में घुस नहीं पाए. ऐसा इसलिए क्योंकि वो पहली बार भारत का एक्सप्रेशन सुन रहे हैं.
‘डरने की बात क्या है?’
कांग्रेस सांसद ने कहा, अगर मैं ऑर्डर देने वाले से डर गया तो एक्सप्रेशन नहीं दूंगा. देश में तमाम लोग कायर की तरह व्यवहार कर रहे हैं, जो इन कायरों की फोर्स के आगे कायर जैसे व्यवहार कर रहे हैं. आप जोकरों के समूह से लड़ रहे हैं तो डरने की बात क्या है? इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी हमला बोला.
‘RSS को भारत की समझ नहीं’
उन्होंने कहा, RSS के लोगों से कहता हूं कि इनको भारत की समझ नहीं है. 3000 साल वाले भारत नहीं आज वाले भारत को समझना है. इस दौरान राहुल ने कुछ लोगों को मंच पर RSS को सैल्यूट करने को भी कहा. उन्होंने कहा कि RSS का इस्तेमाल हुआ है. अगर आरएसएस को दबाने की कोशिश होगी तो हम उसकी रक्षा करने के लिए तैयार हैं.
‘छोटे कारोबारियों की ताकत था RSS’
राहुल ने कहा, RSS छोटे-छोटे कारोबारियों की ताकत था, जिन्हें RSS ने ही नोटबंदी करके धोखा दिया और गलत जीएसटी लाकर खत्म कर दिया. आरएसएस में कॉर्पोरेट इंजेक्शन की शुरुआत प्रमोद महाजन ने की थी और फिर ऐसा ही नरेंद्र मोदी ने किया.नरेंद्र मोदी ने आरएसएस का कॉर्पोरेटाइजेशन पूरा कर दिया. असली आरएसएस खत्म हो चुका है.अब, आरएसएस बड़ी पूंजी का एक जरिया है.
‘पीएम प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं करते?’
आरएसएस के बाद राहुल गांधी ने एक बार फिर पीएम मोदी पर हमले करने शुरू किए. उन्होंने सवाल किया, पीएम प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं करते? मैं सोचता था कि ये मार्केटिंग स्ट्रेटजी है लेकिन मैं उनके साथ 5 मिनट कमरे में बैठा तो समझ गया कि वो बहुत देर बोल नहीं सकते.
‘जो दिल में है बोलिए’
सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जो दिल में है बोलिए. हिंदू हैं तो शिव के बारे में बोलिए, मुस्लिम हैं तो अल्लाह के बारे में बोलिए. अगर कोई गलत बोलेगा तो कहेंगे कि भैया ऐसे बोलिए. इस दौरान उन्होंने अपनी एक यात्रा का जिक्र किया. राहुल ने कहा, मैं 12 साल का था तब मैं, दादी, प्रियंका और मां के साथ अमेरिका गया था. दादी पीएम थीं. ऑफिशियल डिनर में मां और दादी गईं, हम खेल रहे थे तो नहीं गए. तब दादी ने मां से कहा- ये अमेरिकन हमको क्या समझते हैं. हिंदुस्तान का पीएम दोस्ती करने नहीं जाता वो अपने हित के लिए जाता है.
‘पीएम ऑफिस से मुझे सूचना मिलती है’
राहुल गांधी ने कहा कि अगर हिंदुस्तान का नेता इंदिरा जी की तरह होता तो ये अवसर था. ईरान अमेरिका हमारे दोस्त लेकिन हमारी जगह पाकिस्तान मध्यस्थ बन गया और प्रधानमंत्री देखते रह गए. प्रधानमंत्री के ऑफिस से मुझे सूचना मिलती है. अरुणाचल में चीन ने हमको हमारी जमीन पर पेट्रोलिंग से रोक दिया है. राजनाथ सिंह, अमित शाह पीएम की हवा निकल गई.










