रायपुर | छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी, उमस और चिलचिलाती धूप का सामना कर रहे प्रदेश वासियों के लिए आखिरकार राहत की बड़ी खबर आई है। राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आधिकारिक तौर पर दस्तक दे दी है। मौसम विभाग (IMD) ने बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले से मानसून के प्रवेश करने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। मानसून के आगमन के साथ ही प्रदेश के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और ठंडी हवाओं ने लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से बड़ी राहत दी है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून की एंट्री के साथ ही छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। आगामी 24 से 48 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने के आसार हैं:
- दक्षिण छत्तीसगढ़: बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, कांकेर, कोंडागांव और नारायणपुर में भारी बारिश की संभावना है।
- मध्य व उत्तर छत्तीसगढ़: रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव, धमतरी, महासमुंद और सरगुजा संभाग के कई जिलों में भी झमाझम वर्षा की गतिविधियां बढ़ेंगी।
इस साल जून के महीने ने प्रदेश को जमकर तरसाया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
- जून के बीते 21 दिनों में राज्य में केवल 32.3 मिमी. बारिश दर्ज की गई है।
- स्थिति यह थी कि प्रदेश के किसी भी जिले में अब तक सामान्य वर्षा का कोटा पूरा नहीं हो पाया था।
- पिछले साल का रिकॉर्ड: इसके विपरीत, पिछले साल मई के महीने में सुकमा तक पहुंचकर अटकने वाला मानसून 21 जून तक पूरे छत्तीसगढ़ को कवर कर चुका था।
मानसून की इस दस्तक से छत्तीसगढ़ के किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। इस बारिश के साथ ही प्रदेश में खरीफ फसलों की बुआई का काम तेजी से गति पकड़ेगा।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है: “जून के महीने में अक्सर कम वर्षा का संकट रहता है क्योंकि मानसून को पूरी तरह सक्रिय होने में वक्त लगता है। छत्तीसगढ़ में बारिश का मुख्य दौर जुलाई, अगस्त और सितंबर के महीनों में ही बनता है। आने वाले दिनों में यह पूरे प्रदेश को कवर कर लेगा।”










