रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और चिकित्सा शिक्षा को आधुनिक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार (5 जुलाई) को रायपुर के प्रतिष्ठित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय (JNMC) में ₹103 करोड़ से अधिक की लागत वाली विभिन्न स्वास्थ्य अधोसंरचना परियोजनाओं का भूमिपूजन और शिलान्यास किया।
इस वृहद परियोजना के तहत मेडिकल कॉलेज में आधुनिक छात्रावास, कैंसर भवन के विस्तार और डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए आवासीय परिसरों का निर्माण किया जाएगा।
विकसित छत्तीसगढ़ के लिए स्वस्थ नागरिक जरूरी: मुख्यमंत्री साय
भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र सर्वोच्च प्राथमिकता है।
“विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार हो सकता है, जब प्रदेश का हर नागरिक स्वस्थ हो। मेडिकल छात्रों की लंबे समय से चली आ रही हॉस्टल की मांग को सरकार ने पूरा कर दिया है।”
— विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में स्वास्थ्य ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है और आने वाले समय में प्रदेश में एक अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना होने की भी पूरी उम्मीद है। इसके साथ ही उन्होंने भावी डॉक्टरों (मेडिकल विद्यार्थियों) से अपील की कि वे अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद बस्तर, सरगुजा जैसे दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में भी जाकर अपनी सेवाएं दें।
गुणवत्ता और समय-सीमा पर उपमुख्यमंत्री का जोर
कार्यक्रम में मौजूद उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि करीब ₹104 करोड़ की ये परियोजनाएं राज्य के चिकित्सा इतिहास में मील का पत्थर साबित होंगी। लोक निर्माण विभाग (PWD) के दायित्वों को रेखांकित करते हुए उन्होंने निर्माण एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए कि:
- सभी निर्माण कार्य तय समय-सीमा से पहले पूरे किए जाएं।
- निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
स्वास्थ्य क्षेत्र में चौतरफा विकास: स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सरकार की उपलब्धियों का लेखा-जोखा पेश करते हुए बताया कि प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा का तेजी से विस्तार हो रहा है:
- नए मेडिकल कॉलेज: राज्य में 5 नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी मिल चुकी है।
- लंबित कार्य शुरू: कोरबा, कांकेर और महासमुंद मेडिकल कॉलेजों के रुके हुए निर्माण कार्य दोबारा तेजी से शुरू करा दिए गए हैं।
- सिम्स का उन्नयन: बिलासपुर के सिम्स (CIMS) का अपग्रेडेशन किया जा रहा है और वहां डीएम कार्डियक कोर्स भी शुरू हो चुका है।
- जगदलपुर में हार्ट सेंटर: जगदलपुर में जल्द ही छत्तीसगढ़ का दूसरा सबसे बड़ा हार्ट सेंटर स्थापित होने जा रहा है।
- योग और नेचुरोपैथी: 10 एकड़ के दायरे में 100 बिस्तरों वाले योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अस्पताल सह रिसर्च सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
इन 3 बड़ी परियोजनाओं से बदलेगी रायपुर मेडिकल कॉलेज की तस्वीर
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, ₹103 करोड़ के इस बजट से मुख्य रूप से तीन बड़े काम किए जाएंगे:
| क्र.सं. | परियोजना | मिलने वाली आधुनिक सुविधाएं |
| 01 | 200 सीटर आधुनिक हॉस्टल | छात्र-छात्राओं के साथ-साथ डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए सर्वसुविधायुक्त आवासीय परिसर। |
| 02 | कैंसर भवन का विस्तार | वर्तमान कैंसर बिल्डिंग का दूसरी से लेकर छठवीं मंजिल तक विस्तार। इसमें आधुनिक लैब, अत्याधुनिक आईसीयू (ICU), मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, जनरल वार्ड और सिंगल प्राइवेट रूम बनाए जाएंगे। |
| 03 | गर्ल्स हॉस्टल का विस्तार | छात्राओं के हॉस्टल में अतिरिक्त कमरे, डॉरमेट्री, एक सर्वसुविधायुक्त लाइब्रेरी और रिक्रिएशन हॉल (मनोरंजन कक्ष) का निर्माण। |
स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलेगी नई ऊर्जा
राज्य सरकार का दावा है कि इन बुनियादी ढांचों के तैयार होने से न केवल चिकित्सा की पढ़ाई कर रहे छात्रों को विश्वस्तरीय माहौल मिलेगा, बल्कि प्रदेशभर से आने वाले गंभीर मरीजों (विशेषकर कैंसर पीड़ितों) को बेहद सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
इस गरिमामयी भूमिपूजन समारोह में क्षेत्र के प्रमुख जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी, वरिष्ठ चिकित्सक, मेडिकल छात्र और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।










