रायपुर। छत्तीसगढ़ की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त कदम उठाते हुए राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के सेवानिवृत्त बीज प्रबंधक राजेन्द्र सिंह क्षत्रीय को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित करने और बेहिसाब खर्च करने का आरोप है।
क्या है पूरा मामला?
EOW-ACB रायपुर में दर्ज अपराध क्रमांक 15/2020 के तहत चली लंबी जांच में यह खुलासा हुआ कि राजेन्द्र सिंह क्षत्रीय ने अपने कार्यकाल के दौरान भारी अनियमितता बरती। जांच अवधि में किए गए वित्तीय विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि उनके द्वारा किया गया खर्च उनकी कुल वैध आय से कहीं अधिक था।
आंकड़ों में समझें भ्रष्टाचार का गणित:
- कुल वैध आय: ₹6,00,47,497.77
- कुल व्यय/संपत्ति: ₹11,28,67,045.50
- आय से अधिक संपत्ति (अवैध): ₹5,28,19,547.73
जांच में यह पाया गया कि आरोपी ने अपनी वैध कमाई की तुलना में ₹5.28 करोड़ अधिक खर्च किए। यह राशि उनकी कुल आय से 87.96 प्रतिशत अधिक है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तारी
EOW-ACB ने जांच के दौरान जुटाए गए पुख्ता दस्तावेजी साक्ष्यों और सबूतों के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया। उन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)(बी) एवं 13(2) के तहत आरोप तय किए गए हैं। इन धाराओं के तहत पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद 17 जुलाई 2026 को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
विशेष न्यायालय ने भेजा जेल
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोरिया जिले के बैकुण्ठपुर स्थित विशेष न्यायालय (Special Court) में पेश किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजते हुए जिला जेल बैकुण्ठपुर में दाखिल करने का आदेश दिया।
EOW-ACB के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में अभी भी जांच जारी है। साक्ष्यों के आधार पर भविष्य में और भी कानूनी और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, ताकि भ्रष्टाचार के इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके।










