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नाबालिग से दुष्कर्म और अपहरण के आरोपी को 20 साल की सख्त सजा; बेहतरीन जांच के लिए इंस्पेक्टर होंगे पुरस्कृत

धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म (रेप) के एक गंभीर मामले में पुलिस और अभियोजन पक्ष को बड़ी न्यायिक सफलता मिली है। धमतरी के अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट – FTSC) की अदालत ने मामले की त्वरित सुनवाई करते हुए आरोपी को पॉक्सो (POCSO) एक्ट सहित विभिन्न संगीन धाराओं में दोषी करार दिया है। कोर्ट ने आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास (कठोर कारावास) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर अलग-अलग धाराओं के तहत आर्थिक जुर्माना (अर्थदंड) भी लगाया गया है।

2024 का है मामला, दुर्ग जिले का रहने वाला है आरोपी

न्यायालय द्वारा सजा पाए गए आरोपी की पहचान कोमल लहरे (उम्र 21 वर्ष), निवासी ग्राम मोहदा (जिला दुर्ग) के रूप में हुई है।

यह पूरा मामला वर्ष 2024 में धमतरी जिले के कुरूद थाना अंतर्गत चौकी बिरेझर में दर्ज हुआ था। नाबालिग के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों से हुई थी नाबालिग की बरामदगी

विवेचना के दौरान बिरेझर पुलिस ने आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियों का सहारा लिया:

  • सकुशल बरामदगी: पुलिस ने मोबाइल लोकेशन, तकनीकी विश्लेषण (Technical Analysis) और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर आरोपी के चंगुल से नाबालिग पीड़िता को सकुशल बरामद किया था।
  • पुख्ता चार्जशीट: तत्कालीन विवेचना अधिकारी ने पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर अदालत के समक्ष एक बेहद मजबूत और अकाट्य आरोप पत्र (चार्जशीट) प्रस्तुत किया, जिसके कारण आरोपी कानूनी दांव-पेंच से बच नहीं सका।

पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत कोर्ट का सख्त फैसला

फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें और पुलिस द्वारा पेश किए गए पुख्ता गवाहों व सबूतों को मद्देनजर रखते हुए आरोपी कोमल लहरे को भारतीय न्याय संहिता (BNS) / भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं और पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 (Aggravated Penetrative Sexual Assault) के तहत गंभीर रूप से दोषी पाया।

अदालत ने आरोपी को 20 साल जेल की सजा काटने के साथ ही जुर्माना अदा करने का आदेश दिया। जुर्माना न पटाने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अन्य सह-धाराओं में भी कोर्ट ने अलग-अलग अवधि की जेल और जुर्माने की सजा मुकर्रर की है, जो साथ-साथ चलेंगी।

उत्कृष्ट जांच के लिए इंस्पेक्टर चंद्रकांत साहू होंगे पुरस्कृत

धमतरी जिले की पुलिस अधीक्षक (SP) भावना पांडेय ने इस ब्लाइंड और संवेदनशील केस में बेहतरीन और प्रभावी विवेचना करने के लिए तत्कालीन विवेचना अधिकारी व निरीक्षक (Inspector) चंद्रकांत साहू की पीठ थपथपाई है। एसपी ने उनके सशक्त साक्ष्य संकलन की सराहना करते हुए उन्हें विशेष रूप से पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

एसपी का संदेश: पुलिस अधीक्षक ने इस फैसले के बाद कड़ा संदेश देते हुए कहा कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों के मामलों में धमतरी पुलिस ‘शून्य सहनशीलता’ (Zero Tolerance) की नीति पर काम कर रही है। ऐसे अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और त्वरित व निष्पक्ष कार्रवाई कर उन्हें कानून के जरिए सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

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