सीतापुर। छत्तीसगढ़ के सीतापुर क्षेत्र के ग्राम सुर स्थित केन मेमोरियल स्कूल के हॉस्टल में एक दर्दनाक हादसे में कक्षा आठवीं के 15 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात कमरे का दरवाजा खोलते समय छात्र करंट की चपेट में आ गया। उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था और बिजली वायरिंग के रखरखाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
दरवाजा खोलते ही लगा जोरदार करंट
जानकारी के अनुसार, मृत छात्र की पहचान आशुतोष के रूप में हुई है। वह जशपुर जिले के ग्राम तमता निवासी शिक्षक विकास का बेटा था और सीतापुर के ग्राम सुर स्थित केन मेमोरियल स्कूल में कक्षा आठवीं में पढ़ाई कर रहा था। आशुतोष हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करता था।
बताया जा रहा है कि शनिवार रात आशुतोष अपने कमरे का दरवाजा खोल रहा था, तभी वह बिजली के करंट की चपेट में आ गया। करंट लगने से वह बेहोश हो गया। इसके बाद उसे देर रात उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके।
प्रारंभिक जानकारी में कमरे के दरवाजे में करंट प्रवाहित होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और करंट कहां से प्रवाहित हो रहा था, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
माता-पिता का इकलौता बेटा था आशुतोष
आशुतोष अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसके पिता शिक्षक हैं। परिवार ने बेहतर शिक्षा की उम्मीद में उसे केन मेमोरियल स्कूल में दाखिला दिलाया था, जहां वह हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था।
बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अस्पताल में बेटे का शव देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। इस दर्दनाक घटना से गांव में भी शोक का माहौल है।
हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
छात्र की मौत के बाद हॉस्टल में बिजली की वायरिंग और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों ने हॉस्टल की व्यवस्था और संभावित लापरवाही को लेकर चिंता जताई है।
यदि कमरे के दरवाजे में करंट प्रवाहित हो रहा था, तो इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं मिली? क्या हॉस्टल में बिजली के उपकरणों और वायरिंग की नियमित जांच की जाती थी? ऐसे कई सवाल अब उठ रहे हैं।
हालांकि, स्कूल प्रबंधन की ओर से किसी संभावित लापरवाही की पुष्टि जांच के बिना नहीं की जा सकती। हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए बिजली व्यवस्था और घटनास्थल की जांच महत्वपूर्ण होगी।
पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। छात्र के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
थाना प्रभारी प्रदीप जायसवाल के अनुसार, शुरुआती तौर पर छात्र की मौत करंट लगने से होना प्रतीत हो रहा है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। इस घटना ने स्कूल हॉस्टल में बच्चों की सुरक्षा, बिजली व्यवस्था के रखरखाव और नियमित निरीक्षण की आवश्यकता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।









