बालोद। रेल यात्रियों के लिए चिंताजनक स्थिति एक बार फिर सामने आई है। मंगलवार देर शाम सिकोसा रेलवे स्टेशन के पास अज्ञात पत्थरबाज़ों ने चलती ट्रेन पर हमला कर दिया, जिसमें उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर निवासी एक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद घायल यात्री को बालोद स्टेशन से जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।
प्रत्यक्षदर्शी यात्री रमन (बालोद निवासी) ने बताया कि रायपुर-अंतागढ़ रेल लाइन इन दिनों लगातार पत्थरबाज़ों के निशाने पर है। यह रेल खंड रेलवे के लिए उच्च राजस्व वाला मार्ग माना जाता है, लेकिन सुरक्षा के अभाव में यात्री खौफ के साये में सफर कर रहे हैं। रमन ने बताया, “खिड़कियों में जाली होने के बावजूद चढ़ने-उतरने वाली जगह पर खड़े यात्रियों को निशाना बनाया जाता है। मैं भी बाल-बाल बचा।”
घटना की पुष्टि करते हुए जीआरपी बालोद चौकी प्रभारी चैन सिंह नेताम ने बताया कि घायल यात्री को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि यात्री ने लिखित शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया। प्रभारी ने सुरक्षा की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा- “पहले पेट्रोलिंग के लिए 12 स्टाफ थे, अब सिर्फ 3 बचे हैं। इतने कम स्टाफ के साथ सिकोसा और लाटाबोड़ जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त करना मुश्किल है। हम लगातार स्टाफ की पूर्ति के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिख रहे हैं।”
बालोद के सिकोसा–लाटाबोड़ के बीच का यह रेल खंड अब अत्यंत व्यस्त हो चुका है और सीधे बस्तर को राजधानी रायपुर से जोड़ता है। ऐसे में सुरक्षा कमजोर होने से यात्रियों की जान जोखिम में पड़ रही है। पत्थरबाज़ सुरक्षा व्यवस्था की कमी का फायदा उठाते हुए आए दिन ऐसे हमले कर रहे हैं।









