ज़िंदगी में बड़े खर्च कब सामने आ जाएं, कोई नहीं जानता. चाहे वो बच्चों की महंगी पढ़ाई हो, घर का कोई बड़ा काम, अचानक आई कोई बीमारी हो, या फिर शादी जैसे शुभ अवसर..पैसों की ज़रूरत कभी भी पड़ सकती है. अगर आपके पास पहले से बचत या इमरजेंसी फंड नहीं है, तो सबसे पहले हम बैंक की तरफ देखते हैं. पर्सनल लोन के लिए आवेदन करते हैं.
लेकिन, बैंक का रास्ता आसान नहीं होता. उनके नियम और शर्तें काफी सख़्त होते हैं. दस्तावेज़ों की लंबी-चौड़ी जांच होती है, और कई बार तो सिर्फ़ कागज़ात पूरे न होने या क्रेडिट स्कोर (CIBIL) थोड़ा कम होने की वजह से भी लोन का आवेदन रिजेक्ट हो जाता है. ऐसे में, जब वक़्त की नज़ाकत हो और पैसा तुरंत चाहिए, तो मन में एक बेचैनी सी उठती है.
यहीं पर आपकी मदद के लिए एक बड़ा विकल्प सामने आता है..गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां, यानी NBFCs. ये कंपनियां उन लोगों के लिए एक बड़ी राहत बनकर आई हैं, जिन्हें बैंक से तुरंत पैसा नहीं मिल पाता. लेकिन याद रखिए, हर चमकती चीज़ सोना नहीं होती. NBFCs से लोन लेना जितना आसान है, उसमें एक बड़ी चालाकी छुपी है, जिसे समझना हर ग्राहक के लिए बेहद ज़रूरी है.
NBFC क्यों तुरंत दे देता है लोन?
NBFCs की सबसे बड़ी ख़ासियत यही है कि इनकी पूरी प्रक्रिया बैंकों के मुक़ाबले काफ़ी सरल होती है. अगर आप बैंक में चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं, तो ये कंपनियाँ आपको तुरंत राहत दे सकती हैं.
कम दस्तावेज़: बैंक की तरह ढेर सारे दस्तावेज़ों की माँग नहीं होती.
तेज़ प्रोसेसिंग: इनका लोन प्रोसेसिंग टाइम (लोन को मंज़ूरी देने का समय) बैंकों से बहुत कम होता है.
KYC पर जल्दी लोन: आपका KYC अगर साफ़ है, तो लोन फटाफट आपके खाते में आ सकता है.
जिन लोगों का क्रेडिट स्कोर (Credit Score) थोड़ा कम है या जिनकी आय का स्रोत उतना स्थिर नहीं है, जितना बैंक को चाहिए,उनके लिए NBFCs किसी वरदान से कम नहीं हैं. यह एक ऐसा रास्ता है, जहाँ पैसा अटकता नहीं है.
ब्याज दर का है पूरा खेल
यहां आती है वह बात, जिस पर आपको सबसे ज़्यादा ध्यान देने की ज़रूरत है. NBFCs बेशक आपको आसानी से और जल्दी लोन दे रही हैं, लेकिन इसकी एक बड़ी क़ीमत चुकानी पड़ती है.
साधारण शब्दों में कहें तो, NBFCs की ब्याज दरें (Interest Rates) आम तौर पर बैंकों की तुलना में ज़्यादा होती हैं. बाज़ार में कुछ प्रमुख NBFCs हैं, जो पर्सनल लोन देती हैं. उनकी शुरुआती दरें कुछ इस तरह हैं.
टाटा कैपिटल (Tata Capital): यहां ₹40,000 से लेकर ₹35 लाख तक का लोन मिल सकता है. ब्याज दरें लगभग 11.50% से शुरू होती हैं, लेकिन यह आपके क्रेडिट स्कोर के आधार पर घट-बढ़ सकती है. प्रोसेसिंग फीस भी अधिकतम 3.5% तक लग सकती है.
बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance): इनकी शुरुआती ब्याज दर लगभग 10% है. मगर अंतिम दर ग्राहक की इनकम, क्रेडिट स्कोर और लोन की राशि पर ही निर्भर करती है.
श्रीराम फाइनेंस (Shriram Finance): यहां पर्सनल लोन की शुरुआत 11% की ब्याज दर से होती है, जो ग्राहक की वित्तीय प्रोफाइल के हिसाब से बदल सकती है.
इस एक बात का रखें ध्यान
बाज़ार के जानकार और वित्तीय सलाहकार स्पष्ट राय देते हैं, अगर आपको बैंक से लोन नहीं मिल रहा है या आप जल्दी में हैं, तो NBFCs एक बेहतरीन विकल्प हैं. लेकिन आप कोई भी निर्णय जल्दबाज़ी में न लें.
एक ग्राहक को केवल ब्याज दर ही नहीं देखनी चाहिए. उन्हें लोन की कुल लागत (Total Cost), यानी प्रोसेसिंग फीस, ब्याज दर, और अगर कभी EMI चूक जाए, तो लगने वाले लेट पेमेंट चार्ज को भी ध्यान में रखना चाहिए. लोन लेना एक ज़िम्मेदारी है. अगर आप इन सभी बातों को ध्यान में रखकर NBFC से लोन लेते हैं, तो न केवल आपकी ज़रूरत पूरी होगी, बल्कि आप भविष्य के आर्थिक दबाव से भी बचे रहेंगे.









