रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। खाद्य एवं राजस्व विभाग की सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने बुधवार को नवा रायपुर स्थित संवाद कार्यालय में बताया कि स्मार्ट-पीडीएस अगले साल पूरी तरह लागू हो जाएगा। इसके बाद राशनकार्डधारी किसी भी उचित मूल्य दुकान से आसानी से राशन सामग्री प्राप्त कर सकेंगे।
सचिव कंगाले ने कहा कि राज्य की 6,585 दुकानों के लिए नए भवन निर्माण का बजट स्वीकृत किया गया है और सभी ऑफलाइन दुकानों को चरणबद्ध तरीके से ऑनलाइन जोड़ा जा रहा है। बस्तर संभाग के दूरस्थ क्षेत्रों के 42,220 परिवारों को चावल, चना, नमक, शक्कर और गुड़ निःशुल्क दिए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत अब तक 38 लाख महिलाओं को फ्री गैस कनेक्शन दिए जा चुके हैं। स्मार्ट पीडीएस लागू होने के बाद राशनकार्ड प्रबंधन, सप्लाई चेन और वितरण पूरी तरह केंद्रीकृत और ऑनलाइन होगा। लाल, पीले और हरे अलर्ट सिस्टम के जरिए शिकायतों की निगरानी और ट्रैकिंग की जाएगी।
राजस्व मामलों में 52,908 प्रकरण लंबित हैं, जिसमें दुर्ग संभाग में सबसे अधिक केस हैं। धान उपार्जन के तहत अब तक 25.49 लाख किसानों से धान खरीदा जा चुका है और किसानों को 34,348 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इस वर्ष धान खरीदी सीमा बढ़ाकर 15 क्विंटल से 21 क्विंटल कर दी गई है।
ऑनलाइन सेवाओं से लोगों को बड़ी सुविधा मिली है। खसरा, बी-वन, डिजिटल साइन, नामांतरण और डायवर्सन जैसी सेवाएं अब ऑनलाइन उपलब्ध हैं। भुइया एप के माध्यम से भूमि रिकॉर्ड आसानी से देखे जा सकते हैं। आपदा प्रभावितों को पिछले दो वर्षों में 321 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है।
सचिव ने बताया कि सरकार का लक्ष्य पूरी तरह पारदर्शी, डिजिटल और जवाबदेह प्रशासन स्थापित करना है और आगामी तीन वर्षों के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।










