Trendingदेशबड़ी खबर

मतदाता सूची पुनरीक्षण बना जानलेवा, अलग-अलग राज्यों में इतने बीएलओ की मौतों का दावा

बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद देश के 12 राज्यों में चल रही SIR प्रक्रिया पर गंभीर चिंताएँ सामने आ रही हैं. पिछले कुछ दिनों में विभिन्न राज्यों से कुल 11 बीएलओ (Booth Level Officer) की मौत की पुष्टि हो चुकी है. कई मामलों में मौत का कारण काम का अत्यधिक दबाव, लंबी ड्यूटी, रिपोर्टिंग का तनाव और सस्पेंशन का भय बताया जा रहा है. यह पहली बार नहीं है जब SIR के दौरान ऐसा हुआ हो, लेकिन इस बार घटनाएँ लगातार और व्यापक पैमाने पर सामने आ रही हैं.

मध्यप्रदेश में BLO की मौत

मध्य प्रदेश में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 10 दिनों में छह BLO की मौत हो गई है, इसके अलावा दर्जनों बीएलओ के बारे में जानकारी सामने आ रही है कि कोई हार्ट अटैक तो कोई ब्रेन हेमरेज और तो कोई दूसरी गंभीर बीमारियों की वजह से हॉस्पिटल में भर्ती हैं. इसको लेकर मृतक के परिजनों का जो बयान सामने आया है वो और भी चौंकाने वाले हैं. मृतक के परिजनों का कहना है कि ज्यादा काम का बोझ, लंबी शिफ्ट, देर रात तक रिपोर्टिंग और सस्पेंशन के डर की वजह से मौत हो रही है.

पश्चिम बंगाल में कितने बीएलओ की हुई मौत?

SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज हुई सुनवाई के दौरान पश्चिम बंगाल याचिकाकर्ता के वकील ने दावा किया कि SIR के दौरान पश्चिम बंगाल में 23 BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) की मौत हो चुकी है. कोर्ट ने इस गंभीर आरोप पर पश्चिम बंगाल राज्य चुनाव कार्यालय से भी 1 दिसंबर तक जवाब तलब किया है.

उत्तर प्रदेश में एक क्लर्क ने की ख़ुदकुशी


उत्तर प्रदेश से भी एक हैरान कर देने वाला सामने आया है. दरअसल, जानकारी सामने आ रही है कि उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में एक अधिकारी ने खुदकुशी कर ली, क्योंकि उसे राज्य में चल रहे वोटर रोल के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़ी मीटिंग में शामिल नहीं होने पर सस्पेंड कर दिया गया था. और तो और सबसे हैरान करने देने वाली बात ये है कि शादी से ठीक एक दिन पहले ही सुसाइड कर ली. 25 साल के क्लर्क सुधीर कुमार अपनी शादी से एक दिन पहले मंगलवार सुबह अपने घर पर लटके हुए मिले.

मृतक की बहन ने लगाया गंभीर आरोप


पुलिस को दी गई एक लिखित शिकायत में कुमार की बहन ने आरोप लगाया कि शादी की तैयारियों के कारण रविवार को एक ऑफिशियल मीटिंग में शामिल नहीं हो पाने के कारण उसे सस्पेंड कर दिया गया. मृतक की बहन ने लिखा कि उसने लिखा, “तब से, मेरा भाई मानसिक रूप से परेशान था.” उसने आरोप लगाया कि फिर एक अधिकारी मंगलवार सुबह कुमार के घर आया और उसे बताया कि उसे सस्पेंड कर दिया गया है.

गुजरात में 3 बीएलओ की हुई मौत


गुजरात में भी 3 BLO की मौत के मामले सामने आ चुके हैं. गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में एक टीचर अरविंद वाढ़ेर ने 20 नवंबर को कथित तौर पर सुसाइड कर लिया. वो कोडिनार तालुका के छारा गांव में BLO के तौर पर SIR का काम देख रहे थे. वहीं गुजरात के ही खेड़ा जिले में 19 नवंबर की देर रात एक BLO की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. मृतक की पहचान कपड़वंज के नवापुरा प्राथमिक विद्यालय के प्रिंसिपल रमेशभाई परमार के रूप में हुई. इसके अलावा गुजरात के सूरत शहर में एक 26 साल की BLO डिंकल सिंगोडावाला अपने आवास के बाथरूम में मृत पाई गईं. जिसको लेकर आशंका जताई जा रही है कि बाथरूम में जहरीली गैस जमा हो गई थी, जिससे ये घटना हुई होगी. वह सूरत नगर निगम (SMC) में टेक्निकल असिस्टेंट थीं.

राजस्थान में 2 बीएलओ की हुई मौत


राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में भी ऐसी घटना हुई. यहां SIR के काम के बीच बुधवार, 19 नवंबर की सुबह एक BLO को कार्डियक अरेस्ट आया. जिसके बाद उनकी मौत हो गई. मृतक की पहचान हरिओम बैरवा के रूप में हुई. वहीं राजस्थान की राजधानी जयपुर में भी एक सरकारी स्कूल टीचर ने 16 नवंबर को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. मुकेश जांगिड़ (45) SIR का काम कर रहे थे. परिवार का आरोप है कि काम के बोझ और समय सीमा के दबाव ने मुकेश को आत्महत्या के लिए मजबूर किया.

केरल में एक बीएलओ की हुई मौत


केरल के कन्नूर जिले में भी 17 नवंबर को अनीश जॉर्ज नामक एक BLO का शव मिला था. केरल पुलिस ने इसे लेकर अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया. जॉर्ज के परिवारवालों ने दावा किया कि चुनाव संबंधी जिम्मेदारियों के दबाव ने उन्हें इस हद तक परेशान कर दिया था.

बीएलओ की मौत पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?


सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और बिहार में चल रहे SIR को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की. मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अगुवाई वाली बेंच ने चुनाव आयोग को 1 दिसंबर तक जवाब दाखिल करने का सख्त निर्देश दिया. सभी राज्यों के SIR मामलों में चुनाव आयोग को 1 दिसंबर 2025 तक जवाब दाखिल करना होगा. केरल मामले की अगली सुनवाई 2 दिसंबर को होगी. बाकी सभी मामलों की सुनवाई 9 दिसंबर को होगी. पश्चिम बंगाल में बीएलओ की मौत के मामले में भी 1 दिसंबर तक जवाब मांगा गया है.शल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 10 दिनों में छह BLO की मौत हो गई है, इसके अलावा दर्जनों बीएलओ के बारे में जानकारी सामने आ रही है कि कोई हार्ट अटैक तो कोई ब्रेन हेमरेज और तो कोई दूसरी गंभीर बीमारियों की वजह से हॉस्पिटल में भर्ती हैं. इसको लेकर मृतक के परिजनों का जो बयान सामने आया है वो और भी चौंकाने वाले हैं. मृतक के परिजनों का कहना है कि ज्यादा काम का बोझ, लंबी शिफ्ट, देर रात तक रिपोर्टिंग और सस्पेंशन के डर की वजह से मौत हो रही है.

हालांकि स्थानीय प्रशासन ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया है. इसके उलट बीएलओ की मौत पर स्थानीय प्रशासन का कहना है कि मरने वाले BLO पहले से ही बीमार थे.

Related Posts

CG NEWS- हिड़मा के शमशान स्थल पर कथित माओवादी समर्थकों की हलचल, पुलिस ने 70–80 लोगों को हिरासत में लिया

सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के पूवर्ती गांव में नक्सली कमांडर हिड़मा और उनकी…

1 of 170