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वंदे मातरम् पर मोदी ने नेहरू को घेरा, गोगोई का PM पर वार- “पहले बताइए आपके पूर्वज आज़ादी की लड़ाई में कहां थे?”

नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र में बुधवार को ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष चर्चा के दौरान राजनीतिक माहौल गरमा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पंडित जवाहरलाल नेहरू और कांग्रेस पर लगाए गए आरोपों के बाद लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने जोरदार जवाब दिया। चर्चा स्वतंत्रता संग्राम, वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व, और राजनीतिक दलों की आज़ादी के संघर्ष में भूमिका को लेकर केंद्रित रही।

PM मोदी के आरोपों का जवाब देते हुए गौरव गोगोई ने कहा– “जब भारत छोड़ो आंदोलन चल रहा था, तब BJP के राजनीतिक पूर्वज कहां छिपे बैठे थे? इतिहास बताता है कि उनके नेताओं ने आंदोलन का समर्थन करने से इनकार किया था।”

उन्होंने आगे कहा कि वंदे मातरम् अंग्रेजों के दिल में खौफ पैदा करने के लिए बोला जाता था, और कांग्रेस ने इस नारे का उपयोग अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ मजबूत आवाज के रूप में किया।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा- “मैं जानना चाहता हूं कि BJP-RSS के राजनीतिक पूर्वजों ने कब ‘वंदे मातरम्’ की उस मंशा को पूरा किया? कब उन्होंने ब्रिटिश राज के खिलाफ लड़ाई लड़ी?” चर्चा के दौरान गोगोई ने कहा कि साल 1937 में कांग्रेस कार्यकारिणी समिति ने फैसला लिया था कि राष्ट्रीय सभाओं में वंदे मातरम् गाया जाएगा।

उन्होंने दावा किया कि: इस निर्णय का मुस्लिम लीग और हिंदू महासभा—दोनों ने विरोध किया। कांग्रेस ने राजनीतिक दबाव नहीं लिया, बल्कि सामाजिक सद्भाव को ध्यान में रखकर निर्णय लिए। गोगोई ने स्पष्ट कहा- “कांग्रेस किसी मुस्लिम लीग या हिंदू महासभा के इशारे पर नहीं चलती थी, कांग्रेस भारत की जनता के साथ चलती थी।”

गौरव गोगोई ने कई आज़ादी के नारों का जिक्र करते हुए कहा कि कवियों और लेखकों ने देशभक्ति के गीतों के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन को ऊर्जा दी।
उन्होंने इन नारों का उल्लेख किया- वंदे मातरम्, Where the mind is without fear, सरफ़रोशी की तमन्ना, इंकलाब जिंदाबाद, करो या मरो, जय हिंद। गोगोई ने कहा कि वंदे मातरम् की पहली पंक्तियां बंकिम चंद्र चटर्जी ने 1872 में लिखीं, जब अंग्रेज किसानों पर भारी जुल्म ढा रहे थे।

पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा- पंडित नेहरू ने 1937 में जिन्ना के विरोध के बाद वंदे मातरम् को विवादित बताया। उन्होंने सुभाष चंद्र बोस को पत्र लिखकर कहा कि वंदे मातरम् की पृष्ठभूमि मुस्लिमों को परेशान कर सकती है। इसके बाद कांग्रेस ने गीत को दो हिस्सों में बांटा और बंगाल में इसके प्रयोग की ‘समीक्षा’ शुरू की।

मोदी ने आरोप लगाया, “कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के सामने घुटने टेक दिए। उसी तुष्टीकरण की राजनीति ने देश को बंटवारे तक पहुंचाया।” PM ने कहा कि कांग्रेस की वही मानसिकता आज भी जारी है और INC “MNC” बन चुकी है – मुस्लिम लीग कांग्रेस।

चर्चा के दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की वैचारिक जड़ों पर सवाल उठाए। BJP ने कहा कि कांग्रेस ने वंदे मातरम् को बांटा और कमजोर किया। कांग्रेस ने कहा कि BJP के पूर्वज अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में शामिल नहीं थे।

PM मोदी ने कहा कि आज भी विपक्ष की कुछ पार्टियां वंदे मातरम् को लेकर विवाद पैदा करने की कोशिश करती हैं। वहीं कांग्रेस का दावा है कि बीजेपी इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है।

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