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CG NEWS: प्रदेश की हवा हुई जहरीली, रायपुर में AQI 228 पहुंचा, सांस लेना हुआ मुश्किल

रायपुर। उत्तर दिशा से बह रही ठंडी हवाओं ने पूरे मध्य छत्तीसगढ़ को प्रदूषण के गंभीर संकट में धकेल दिया है। राजधानी रायपुर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 228 दर्ज किया गया है, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक श्रेणी में आता है। रायपुर के साथ-साथ दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव, धमतरी, महासमुंद, गरियाबंद और कांकेर जिलों में भी हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 के महीन कणों की मात्रा काफी बढ़ गई है, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड के मौसम में हवा की गति बेहद कम हो जाती है। ऐसे में प्रदूषक तत्व वातावरण में फैलने के बजाय एक ही क्षेत्र में लंबे समय तक ठहर जाते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता तेजी से बिगड़ती है। वायु गुणवत्ता सूचकांक जितना कम होता है, हवा उतनी ही बेहतर मानी जाती है। 0 से 50 तक AQI सुरक्षित, 51 से 100 संतोषजनक, जबकि 100 से ऊपर पहुंचते ही यह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो जाता है।

इन कारणों से बिगड़ रही हवा

प्रदेश में बढ़ते प्रदूषण के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। औद्योगिक गतिविधियों से निकलने वाला धुआं, डीजल वाहनों की भारी आवाजाही, खराब सड़कों से उड़ती धूल और खेतों में जलाई जा रही पराली स्थिति को और गंभीर बना रही है। वहीं, शहरी और ग्रामीण इलाकों में हरियाली की कमी के चलते प्रदूषक कण वातावरण में लंबे समय तक बने रहते हैं।

विशेषज्ञों की चेतावनी

मौसम विशेषज्ञ एचपी चंद्रा के अनुसार, ठंड के दिनों में हवा की औसत गति करीब दो किलोमीटर प्रति घंटा रह जाती है। इतनी धीमी रफ्तार में हवा प्रदूषक तत्वों को दूर नहीं ले जा पाती। उद्योगों और डीजल वाहनों से निकलने वाले कार्बन कण, पराली जलाने से उठने वाला धुआं और सड़कों की धूल मिलकर हवा को बेहद जहरीला बना रहे हैं।

बसंत और बारिश में मिलेगी राहत

विशेषज्ञों का मानना है कि बसंत ऋतु में हवा की गति बढ़ने से प्रदूषण में कुछ हद तक कमी आ सकती है, जबकि बारिश के मौसम में हालात काफी हद तक सुधर जाते हैं। फिलहाल डॉक्टरों और पर्यावरण विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस, दमा व हृदय रोग से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। मास्क पहनने, अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और खुले में व्यायाम न करने की हिदायत दी गई है।

प्रदेश के प्रमुख जिलों में वायु गुणवत्ता (AQI)

  • रायपुर – 228 (अत्यंत चिंताजनक)
  • दुर्ग – 192 (स्वास्थ्य पर असर)
  • बिलासपुर – 190 (गंभीर)
  • जगदलपुर – 107 (सतर्कता जरूरी)
  • रायगढ़ – 100 (फिलहाल राहत)
  • कोरबा – 98 (संतोषजनक)

ये आंकड़े एमएनएस वेदर डॉट कॉम (माइक्रोसॉफ्ट कंपनी की एक विंग) से प्राप्त किए गए हैं।

बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए पर्यावरण विशेषज्ञों ने प्रशासन से भी सख्त कदम उठाने, औद्योगिक उत्सर्जन पर नियंत्रण, पराली जलाने पर रोक और हरियाली बढ़ाने की मांग की है, ताकि आने वाले दिनों में हालात और न बिगड़ें।

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