दुर्ग। जिले में आयोजित एसटी-एससी-ओबीसी संयुक्त मोर्चा के कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। अपने संबोधन में भूपेश बघेल ने भाजपा की नीतियों और कार्यशैली को समाज के लिए घातक बताते हुए कहा कि मौजूदा सरकारें जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने का काम कर रही हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि देश और प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद से समाज में विभाजन की राजनीति तेज हुई है। उन्होंने कहा कि “भाजपा ‘हिंदू खतरे में है’ जैसे नारों के जरिए समाज को बांटने का काम कर रही है, जिससे सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारा कमजोर हो रहा है। अब तो सनातन धर्म को भी खतरे में बताया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि देश की विविधता और एकता को नुकसान पहुंचाने की लगातार कोशिशें हो रही हैं।
भूपेश बघेल ने आरएसएस और भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “हिंदू खतरे में है” कहकर ये लोग लगातार चुनाव जीतते आए हैं, लेकिन जनता के असली मुद्दों—महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक न्याय—पर कोई बात नहीं की जाती।
इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने भिलाई में सामने आए What Thinks India सर्वे विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पूरे प्रदेश में उनके खिलाफ सर्वे करवा रहे हैं, जो भाजपा के डर को दर्शाता है। भूपेश बघेल के मुताबिक भाजपा जनता की नब्ज टटोलने और माहौल बनाने की कोशिश कर रही है, ताकि लोगों को डराकर अपने पक्ष में वातावरण तैयार किया जा सके।
भूपेश बघेल ने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस डरने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा आम जनता के हक और अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही है और आगे भी पूरी मजबूती के साथ यह संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने एसटी, एससी और ओबीसी वर्ग से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए सभी को एक साथ खड़ा होना होगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में एसटी, एससी और ओबीसी वर्ग के लोग मौजूद रहे। भूपेश बघेल के बयानों पर लोगों ने तालियों के साथ समर्थन जताया और पूरा माहौल राजनीतिक जोश से भरा नजर आया।








