रायगढ़ (तमनार): छत्तीसगढ़ के तमनार क्षेत्र में गारे पेलना सेक्टर 1 को लेकर हुई विवादित घटना ने जोरदार राजनीतिक हलचल मचा दी है। कांग्रेस पीसीसी चीफ दीपक बैज ने इस घटना को बीजेपी सरकार की गांव, गरीब, किसान और आदिवासी विरोधी नीतियों का परिणाम बताया।
दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस की जांच टीम ने तमनार का दौरा किया और ग्रामीणों से स्थिति का जायजा लिया। उनका कहना है कि 8 दिसंबर को क्षेत्र में जनसुनवाई आयोजित की गई, जबकि ग्रामीण और किसान लगातार इसकी स्थगना की मांग कर रहे थे। इसके बावजूद जिला प्रशासन ने जनसुनवाई को दूरस्थ स्थल पर आयोजित किया।
ग्रामीणों ने इसे फर्जी जनसुनवाई बताया और शांतिपूर्ण धरना दिया। कांग्रेस ने भी इस आंदोलन का समर्थन किया। लेकिन 27 दिसंबर को पुलिस और प्रशासन का बल लगाकर जिंदल की कोयले से भरी गाड़ियों को रवाना किया गया, जिस पर ग्रामीणों ने विरोध किया। इसके बाद पुलिस ने महिलाओं सहित ग्रामीणों को घसीटते हुए थाने ले जाया, लाठियां बरसाईं और आंसू गैस छोड़ी।
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि जिला प्रशासन और स्थानीय अधिकारी धरनास्थल पर जाकर बात करने में नाकाम रहे, जिससे छोटा विवाद बड़ी घटना में बदल गया। उन्होंने सरकार से मांग की है कि गारे पेलना सेक्टर को निरस्त किया जाए और जनसुनवाई को रद्द किया जाए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि एसपी और कलेक्टर जिम्मेदार हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस ने उच्च न्यायालय के वर्तमान मजिस्ट्रेट से निष्पक्ष जांच की मांग की है और सरकार से आदिवासियों और ग्रामीणों से माफी और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की है।
दीपक बैज ने यह भी कहा कि सरकार उद्योगपतियों के इशारे पर कोल माइंस के मामलों में काम कर रही है और ग्रामीणों की मांगों और पीड़ा को नजरअंदाज कर रही है।









