छत्तीसगढ़ शासन के श्रमायुक्त हिम शिखर गुप्ता द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के तहत प्रदेश के विभिन्न नियोजनों में कार्यरत श्रमिकों के लिए नई वेतन दरें और परिवर्तनशील महंगाई भत्ता घोषित कर दिया गया है। यह संशोधित दरें 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगी।
लेबर ब्यूरो शिमला से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जुलाई 2025 से दिसंबर 2025 के बीच औद्योगिक सूचकांक में 11.28 अंकों की औसत वृद्धि दर्ज की गई है। इसके आधार पर 45 अनुसूचित नियोजनों में कार्यरत श्रमिकों के महंगाई भत्ते में 226 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी की गई है।
वहीं कृषि क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सूचकांक में 34 अंकों की वृद्धि के चलते 170 रुपये प्रतिमाह भत्ता बढ़ाया गया है। अगरबत्ती उद्योग में कार्यरत श्रमिकों के लिए 8.53 रुपये प्रति हजार अगरबत्ती निर्माण के हिसाब से वृद्धि तय की गई है।
नया वेतनमान (मासिक)
नई दरों के अनुसार 45 अनुसूचित सामान्य नियोजन में-
- अकुशल श्रमिक:
- जोन ‘अ’ – 11,402 रुपये
- जोन ‘ब’ – 11,142 रुपये
- जोन ‘स’ – 10,882 रुपये
- अर्द्धकुशल श्रमिक:
- जोन ‘अ’ – 12,052 रुपये
- जोन ‘ब’ – 11,792 रुपये
- जोन ‘स’ – 11,532 रुपये
- कुशल श्रमिक:
- जोन ‘अ’ – 12,832 रुपये
- जोन ‘ब’ – 12,572 रुपये
- जोन ‘स’ – 12,312 रुपये
- उच्च कुशल श्रमिक:
- जोन ‘अ’ – 13,612 रुपये
- जोन ‘ब’ – 13,352 रुपये
- जोन ‘स’ – 13,092 रुपये
दैनिक वेतन दरें
श्रमिकों के लिए दैनिक वेतन श्रेणी और जोन के अनुसार 419 रुपये से 524 रुपये के बीच निर्धारित किया गया है।
श्रम विभाग के अनुसार विस्तृत जानकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या श्रमायुक्त कार्यालय, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर से प्राप्त की जा सकती है। इस फैसले से प्रदेश के हजारों श्रमिकों को सीधा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।










