रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराब दुकानों में ओवररेटिंग, नियमों के विपरीत थोक में शराब बिक्री और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को लेकर आबकारी विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। आबकारी आयुक्त ने कार्रवाई करते हुए तीन आबकारी उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया है। इनमें बलौदाबाजार के उपनिरीक्षक पी. माधव राव, धमतरी के उपनिरीक्षक आशा राम शाक्य और भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी संतोष नारंग शामिल हैं।
विभाग की इस कार्रवाई के बाद आबकारी महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। माना जा रहा है कि शराब बिक्री में निर्धारित नियमों का उल्लंघन और विभागीय जिम्मेदारियों में लापरवाही को लेकर आने वाले दिनों में और भी कार्रवाई हो सकती है।
ओवररेटिंग के मामले में पी. माधव राव निलंबित
मिली जानकारी के मुताबिक, बलौदाबाजार में पदस्थ आबकारी उपनिरीक्षक पी. माधव राव के खिलाफ शराब दुकानों में ओवररेटिंग से जुड़े मामले में कार्रवाई की गई है।
शराब दुकानों में निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूलने यानी ओवररेटिंग को लेकर विभाग ने इसे गंभीर अनियमितता माना। इसी के चलते आबकारी आयुक्त ने पी. माधव राव को निलंबित कर दिया।
शराब की बिक्री के दौरान निर्धारित मूल्य का पालन कराना आबकारी विभाग की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में दुकानों में ओवररेटिंग की शिकायतों को लेकर संबंधित अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठते रहे हैं।
नियमों के विपरीत थोक में शराब बिक्री, आशा राम शाक्य पर कार्रवाई
वहीं, धमतरी के आबकारी उपनिरीक्षक आशा राम शाक्य पर शराब को नियमों के विपरीत थोक में बेचने के मामले में निलंबन की कार्रवाई की गई है।
आबकारी नियमों के तहत शराब की बिक्री और वितरण के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना जरूरी होता है। नियमों के विपरीत थोक बिक्री का मामला सामने आने के बाद विभाग ने संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की।
भ्रष्टाचार के मामले में संतोष नारंग भी निलंबित
तीसरी कार्रवाई आबकारी उपनिरीक्षक संतोष नारंग के खिलाफ की गई है। संतोष नारंग भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में आरोपी हैं।
बताया गया है कि EOW-ACB की ओर से मामले में न्यायालय में चालान पेश किए जाने के बाद आबकारी विभाग ने विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की। आबकारी आयुक्त ने संतोष नारंग को निलंबित कर दिया।
यानी भ्रष्टाचार के मामले में जांच एजेंसी की कार्रवाई और कोर्ट में चालान पेश होने के बाद विभाग ने भी अपने स्तर पर सख्त कदम उठाया है।
तीन अलग-अलग मामलों में विभाग का सख्त संदेश
आबकारी विभाग की इन तीन कार्रवाइयों को शराब कारोबार में नियमों के पालन को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एक तरफ जहां ओवररेटिंग को लेकर कार्रवाई हुई, वहीं दूसरी ओर नियमों के विपरीत थोक बिक्री और भ्रष्टाचार के मामले में भी विभाग ने अधिकारियों पर कार्रवाई की है।
इससे यह संकेत मिल रहा है कि शराब दुकानों की निगरानी और आबकारी अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर विभाग अब ज्यादा सख्ती बरत रहा है।
विभाग में बढ़ी हलचल
एक साथ तीन आबकारी उपनिरीक्षकों के निलंबन के बाद विभाग के भीतर भी चर्चा तेज हो गई है। शराब दुकानों में निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने, बिक्री के नियमों की अनदेखी करने और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को लेकर विभाग की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
विभागीय अधिकारियों की ओर से यह संकेत दिया गया है कि शराब बिक्री में निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
अब देखना होगा कि इन मामलों में आगे विभागीय जांच किस दिशा में बढ़ती है और क्या अन्य अधिकारियों या शराब दुकानों पर भी कार्रवाई की जाती है।










