28 August Lunar Eclipse Timings: रक्षाबंधन भाई-बहन के प्यार, भरोसे और एक-दूसरे की लंबी उम्र की कामना से जुड़ा खास त्योहार है. इस दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और भाई उनकी रक्षा का वादा करते हैं. इस साल रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा, जो अपने साथ बहुत सी खुशियां लेकर आता है. लेकिन इस बार रक्षाबंधन को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं, क्योंकि इस त्योहार पर साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भी लगने जा रहा है. इसी के चलते लोग जानना चाहते हैं कि क्या ग्रहण का असर राखी बांधने पर पड़ेगा और क्या इसके लिए सूतक काल माना जाएगा.
साल 2026 में कुल 4 ग्रहण हैं, जिसमें से दो लग चुके हैं और दो लगने बाकी हैं. पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026 को लगा था, जो पूर्ण चंद्र ग्रहण था. हालांकि, ये ग्रहण भारत में नहीं दिखाई दिया था. अब दूसरा और साल का आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 को लगेगा. ये आंशिक चंद्र ग्रहण होगा और खास बात ये है कि इसकी तारीख रक्षाबंधन के साथ पड़ रही है.
5 घंटे से लंबा होगा चंद्र ग्रहण
रक्षाबंधन इस साल 28 अगस्त को है और इसी दिन चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है, जिसकी अवधि 5 घंटे 38 मिनट रहेगी. इस दौरान चंद्रमा का लगभग 96.2 फीसदी हिस्सा पृथ्वी की छाया में आ जाएगा. हालांकि, पूरे समय चंद्रमा का आंशिक ग्रहण वाला चरण नहीं रहेगा. वैज्ञानिक गणना के मुताबिक, आंशिक ग्रहण की अवधि करीब 3 घंटे 18 मिनट होगी. भारत के समय के हिसाब से चंद्र ग्रहण की शुरुआत सुबह करीब 6:53 बजे और दोपहर 12:31 बजे के आसपास समाप्ती होगी.
भारत में दिखाई नहीं देगा चंद्र ग्रहण
इस चंद्र ग्रहण की सबसे खास बात ये है कि भारत से इसे देखा नहीं जा सकेगा. ये ग्रहण खासतौर पर उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, अफ्रीका, यूरोप के कुछ हिस्सों और दूसरे क्षेत्रों से दिखाई देगा. भारत में ग्रहण नजर नहीं आने की वजह से यहां इससे जुड़े धार्मिक नियम लागू नहीं माने जाएंगे.
यह भी पढ़ें – रक्षाबंधन के बाद कब और कैसे उतारें राखी?? शास्त्रों में बताए गए हैं सही नियम
भारत में मान्य नहीं होगा सूतक काल
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल आमतौर पर उस जगह माना जाता है जहां ग्रहण दिखाई देता है. चूंकि 28 अगस्त का चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा. ऐसे में मंदिरों के कपाट बंद करने या पूजा-पाठ रोकने जैसी जरूरत नहीं होगी.
क्या रक्षाबंधन पर राखी बांध सकेंगे?
भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देने की वजह से रक्षाबंधन के त्योहार पर इसका कोई धार्मिक प्रतिबंध नहीं माना जाएगा. यानी भाई-बहन सामान्य तरीके से राखी का त्योहार मना सकते हैं और राखी बांधने की रस्म भी की जा सकती है. हालांकि, राखी बांधने के लिए अपने शहर के पंचांग के अनुसार शुभ समय देखना बेहतर रहेगा. इससे भाई की कलाई पर राखी बांधने की रस्म शुभ मुहूर्त में की जा सकेगी.
रक्षाबंधन शुभ मुहूर्त 2026
28 अगस्त को राखी बांधने के शुभ मुहूर्त नीचे दिए गए हैं:-
सुबह 5:57 मिनट से लेकर सुबह 9:48 मिनट तक.
सुबह 7:33 मिनट से लेकर सुबह 9:10 मिनट तक.
सुबह 9:10 मिनट से लेकर सुबह 10:46 मिनट तक.










