बिलासपुर। जिले के कोटा थाना क्षेत्र स्थित शासकीय हाईस्कूल धौराभाठा में प्राचार्य और शिक्षक के बीच विवाद अब गंभीर आरोपों तक पहुंच गया है। स्कूल की प्राचार्य इंद्रा गेंदले पर अपने ही विद्यालय में पदस्थ व्याख्याता राजेश सोनी को नुकसान पहुंचाने के लिए कथित तौर पर सुपारी देने की बात कहे जाने का आरोप लगाया गया है। मामले में एक कथित वॉइस रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपी गई है।
कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग पुलिस को सौंपी
शिकायतकर्ता की ओर से कोटा पुलिस को कथित वॉइस रिकॉर्डिंग के साथ अन्य जानकारियां भी उपलब्ध कराई गई हैं। दावा किया जा रहा है कि रिकॉर्डिंग में शिक्षक को नुकसान पहुंचाने से जुड़ी बातचीत सुनाई दे रही है।
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रिकॉर्डिंग में कही गई बातें वास्तविक हैं या नहीं।
ऑडियो असली या फर्जी? जांच में जुटी पुलिस
पुलिस की जांच का प्रमुख बिंदु कथित ऑडियो की सत्यता है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रिकॉर्डिंग वास्तविक है या उसके साथ किसी तरह की छेड़छाड़ की गई है। साथ ही रिकॉर्डिंग में सुनाई दे रही आवाजें किन लोगों की हैं, इसकी भी जांच की जा रही है।
पुलिस बातचीत के संदर्भ और उससे जुड़े घटनाक्रम की भी जानकारी जुटा रही है, ताकि पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सके।
आरोपों के पीछे की वजह भी जांच के दायरे में
जांच में पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शिक्षक को नुकसान पहुंचाने की कथित बात आखिर किस परिस्थिति में कही गई। इसके अलावा मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका या संलिप्तता है या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
शिकायत में उपलब्ध कराए गए ऑडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी सच्चाई
फिलहाल मामला शिकायत और आरोपों के स्तर पर है। प्राचार्य इंद्रा गेंदले पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच पूरी होने और कथित ऑडियो की तकनीकी व अन्य स्तरों पर सत्यता सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस की जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि कथित रिकॉर्डिंग में आवाज किसकी है, बातचीत वास्तविक है या नहीं और शिकायत में लगाए गए आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं या नहीं।










