रायपुर। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया एक बार फिर तेज होने जा रही है। SIR के दौरान सत्यापन के समय जिन मतदाताओं के घर पर लोग नहीं मिले थे या जिनके दूसरे स्थान पर चले जाने की जानकारी सामने आई थी, उनकी वास्तविक स्थिति जानने के लिए BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) दोबारा घर-घर पहुंचेंगे।
जानकारी के मुताबिक, प्रदेश में ऐसे करीब 19.13 लाख मतदाता चिन्हित किए गए हैं। BLO संबंधित मतदाताओं के पते पर पहुंचकर यह सत्यापित करेंगे कि वे वास्तव में उसी पते पर निवास कर रहे हैं या नहीं। इसके साथ ही मतदाता सूची में दर्ज जानकारी का भी मिलान किया जाएगा।
पुरानी और नई मतदाता सूची का होगा मिलान
दोबारा सत्यापन अभियान के दौरान BLO SIR से पहले तैयार मतदाता सूची और SIR के बाद की सूची का मिलान करेंगे। इसका उद्देश्य उन मतदाताओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना है, जो पुनरीक्षण के दौरान अपने पते पर मौजूद नहीं मिले थे या जिनके दूसरे स्थान पर चले जाने की जानकारी सामने आई थी।
सत्यापन के दौरान मतदाताओं के पते और सूची में दर्ज अन्य विवरणों की भी जांच की जाएगी।
SIR के बाद करीब 25 लाख नाम सूची से हुए बाहर
छत्तीसगढ़ में SIR की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से बाहर हुए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पुनरीक्षण के बाद करीब 24.99 लाख नाम सूची से बाहर हुए। इनमें 6 लाख से अधिक मतदाता मृत पाए गए थे।
इसके अलावा अनुपस्थित, स्थानांतरित और अन्य श्रेणियों में आने वाले मतदाताओं की भी पहचान की गई थी।
पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने पर जोर
अब BLO के दोबारा सत्यापन से उन मतदाताओं की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है, जिनके बारे में पहली प्रक्रिया के दौरान जानकारी नहीं मिल पाई थी।
इस कवायद का उद्देश्य वास्तविक और पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में बनाए रखना है। वहीं गलत, दोहरे या अपात्र नामों की पहचान होने पर नियमानुसार उन्हें सूची से हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
दोबारा घर-घर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदाता सूची में शामिल नामों की वास्तविक स्थिति और अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।










