रायपुर। राजधानी रायपुर में बीते दिनों छत्तीसगढ़ वक़्फ़ बोर्ड ने पुरानी-बस्ती थाने के सामने की जमींन को अपना बताकर लोगों को नोटिस जारी किया था। जिसपर अब खुद बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने माफ़ी मांगी है। इसके साथ दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से मामले को सुलझा लिया है।
क्या है मामला
दरअसल, बीते 23 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ वक़्फ़ बोर्ड ने पुरानी बस्ती इलाके में 60 से 70 साल से रह रहे हिंदू परिवारों को एक नोटिस जारी किया था। जिसमे बोर्ड का दावा था कि जिस जगह पर उनका घर है, वह वक़्फ़ की संपत्ति है। उन्हें 2 दिनों के भीतर कलेक्टर के सामने आकर जवाब देना होगा, अन्यथा बोर्ड क़ानूनी कार्रवाई करेगा। नोटिस आने के बाद हिन्दू परिवारों में हड़कंप मच गया। रहवासियों ने बोर्ड के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई। इन परिवारों का कहना था कि उनके पास 1965 और 1948 की रजिस्ट्री पेपर है। 60-70 सालों में वक्त बोर्ड को अपनी जमीन का ख्याल नहीं आया, अब अचानक नोटिस थमाया जा रहा है।
वक़्फ़ की तरफ से नोटिस आने के बाद तहसील आफिस राजस्व दस्तावेज का अवलोकन किया गया। जिसमे पाया गया कि वक्फ बोर्ड द्वारा की गई शिकायत पूरी तरह से गलत और निराधार है। इस मामले में अब वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने मौके पर पहुंच विवादित स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने उन परिवारों से माफ़ी मांगी और नोटिस को वापिस लिया। राज ने बताया कि दोनों पक्षों में आपसी रजामंदी से समझौता कर लिया है।






