जैजैपुर/सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के जैजैपुर स्थित सरकारी शराब दुकान में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वहां कार्यरत एक प्लेसमेंट कर्मचारी ने खुदकुशी की नीयत से आत्मदाह का प्रयास किया। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद अन्य साथियों ने तत्परता दिखाते हुए उसकी जान बचा ली। फिलहाल कर्मचारी का अस्पताल में इलाज जारी है।
आत्मदाह का प्रयास करने वाले कर्मचारी की पहचान आकाश कर्ष के रूप में हुई है, जो जैजैपुर शराब दुकान में सेल्समैन के पद पर तैनात है। आकाश ने घटना से पहले एक भावुक पत्र (सुसाइड नोट) छोड़ा है, जिसमें जिला आबकारी विभाग के कुछ अधिकारियों और प्लेसमेंट एजेंसी के कर्ताधर्ताओं पर सनसनीखेज आरोप लगाए गए हैं।
कर्मचारी का आरोप है कि उसे जैजैपुर से सक्ती ट्रांसफर करने की लगातार धमकियां दी जा रही थीं। पत्र में आरोप लगाया गया है कि वेतन वृद्धि के बाद प्लेसमेंट एजेंसी के लोग कर्मचारियों से रुपयों की मांग कर रहे हैं और न देने पर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। कर्मचारी का दावा है कि प्लेसमेंट एजेंसी और विभाग के बीच मिलीभगत के कारण छोटे कर्मचारियों का शोषण हो रहा है।
अस्पताल में उपचार जारी
घटना के तुरंत बाद लहूलुहान और झुलसी हुई अवस्था में आकाश को जैजैपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई है और फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया: विधायक प्रतिनिधि ने की जांच की मांग
इस घटना के बाद राजनीति भी गर्मा गई है। कांग्रेस विधायक के जिला प्रतिनिधि उमाशंकर चन्द्रा ने इसे प्रशासन की विफलता बताते हुए कहा कि, “एक कर्मचारी को आत्मदाह के लिए मजबूर होना पड़ा, यह सिस्टम पर सवाल है। प्लेसमेंट कंपनी और आबकारी अधिकारियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर तुरंत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।”









