बिलासपुर: रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी है! बिलासपुर रेल मंडल की लाइफलाइन मानी जाने वाली बिलासपुर-इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस अब नए अवतार में नजर आएगी। रेलवे ने इस ट्रेन में पुराने नीले (ICF) कोचों को हटाकर आधुनिक और सुरक्षित LHB (Linke Hofmann Busch) कोच लगाने का बड़ा फैसला लिया है।
मार्च के आखिरी सप्ताह से बदलाव
रेलवे द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार, नर्मदा एक्सप्रेस में यह बदलाव निम्नलिखित तारीखों से लागू होगा. गाड़ी संख्या 18234 (बिलासपुर से इंदौर): 30 मार्च से नए कोच के साथ चलेगी। गाड़ी संख्या 18233 (इंदौर से बिलासपुर): 31 मार्च से नए कोच के साथ संचालित होगी।
क्यों खास है LHB कोच? (यात्रियों को होने वाले फायदे)
पुराने कोचों की तुलना में LHB कोच न केवल दिखने में सुंदर हैं, बल्कि तकनीकी रूप से भी अधिक उन्नत हैं. इन कोचों में सफर के दौरान झटके बहुत कम लगते हैं, जिससे यात्रा आरामदायक होती है। दुर्घटना की स्थिति में ये कोच एक-दूसरे के ऊपर नहीं चढ़ते, जिससे जान-माल का नुकसान न्यूनतम होता है। LHB कोच में सीटों की संख्या अधिक होती है और कोच के भीतर चलने-फिरने के लिए पर्याप्त जगह (Space) मिलती है। बेहतर लाइटिंग, मजबूत एयर कंडीशनिंग, शोर में कमी और बायो-टॉयलेट की सुविधा। ये कोच 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक दौड़ने में सक्षम हैं।
बिलासपुर मंडल की सबसे व्यस्त ट्रेन
नर्मदा एक्सप्रेस बिलासपुर मंडल की उन ट्रेनों में शामिल है, जिसमें पूरे साल वेटिंग की स्थिति बनी रहती है। पुराने कोच होने के कारण यात्रियों को अक्सर सुविधाओं और सुरक्षा को लेकर शिकायत रहती थी। अब रेलवे के इस आधुनिकीकरण के फैसले से न केवल यात्रियों को कंफर्म बर्थ मिलने की संभावना बढ़ेगी, बल्कि सफर भी पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित होगा।









