बिलासपुर। रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में शराब पीकर हंगामा करने वाले यात्रियों पर अब सख्ती बढ़ने वाली है। शासकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) को नई ब्रेथ एनालाइज़र मशीन उपलब्ध करा दी गई है, जिसका नियमित उपयोग होली पर्व के बाद शुरू होगा। अधिकारियों के अनुसार इस मशीन से मौके पर ही यह पुष्टि की जा सकेगी कि यात्री ने शराब पी है या नहीं और उसकी मात्रा कितनी है।
पुराने समय में होती थी परेशानी
पहले जीआरपी के पास शराब जांच के लिए कोई आधुनिक उपकरण नहीं था। संदिग्ध यात्री को मेडिकल जांच या अस्पताल भेजना पड़ता था, जिससे समय लगता था और कई बार शराब पीने की पुष्टि नहीं हो पाती थी। परिणामस्वरूप यात्री अनावश्यक परेशानी झेलते थे और जीआरपी कार्रवाई कमजोर पड़ जाती थी।
कुछ सेकंड में पता चलेगा शराब पीना
नई मशीन कुछ ही सेकंड में जांच करके बता देगी कि व्यक्ति ने शराब पी है या नहीं। जीआरपी के अनुसार, होली जैसे त्योहारों के दौरान ट्रेनों और स्टेशनों पर शराब पीकर हंगामा करने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। सामान्य दिनों में भी यह समस्या रहती है।
जीआरपी ने कहा है कि सार्वजनिक स्थान पर शराब पीकर अशांति फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाया गया है ताकि निर्दोष यात्रियों को परेशानी न हो।
और मशीनें भी आएंगी
अभी केवल एक मशीन बिलासपुर जीआरपी को भेजी गई है। रायपुर मुख्यालय से यह मशीन उपलब्ध कराई गई है। आने वाले दिनों में और मशीनें भी स्टेशन पर भेजी जाएंगी ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आसान हो सके। ब्रेथ एनालाइज़र मशीन व्यक्ति की सांस में मौजूद अल्कोहल की मात्रा मापती है और इसे ड्रिंक-एंड-ड्राइव जांच में भी इस्तेमाल किया जाता है।









