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ADR रिपोर्ट: कमाई के मामले में भाजपा सबसे आगे, कांग्रेस दूसरे नंबर पर; कई पार्टियों ने आय से ज्यादा खर्च किया

हैदराबाद। देश की राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टियों की आय और खर्च को लेकर Association for Democratic Reforms (ADR) ने अपनी ताजा रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान छह राष्ट्रीय दलों की आमदनी और खर्च का ब्योरा सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार Bharatiya Janata Party (भाजपा) कमाई के मामले में बाकी सभी पार्टियों से काफी आगे है।

रिपोर्ट में जिन दलों को शामिल किया गया है उनमें Indian National Congress (कांग्रेस), Bahujan Samaj Party (बीएसपी), Communist Party of India (Marxist) (सीपीआई-एम), Aam Aadmi Party (आप) और National People’s Party (एनपीईपी) शामिल हैं।

भाजपा की आय सबसे ज्यादा

ADR की रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा की कुल आय 6769.14 करोड़ रुपये रही, जो अन्य पांचों राष्ट्रीय पार्टियों की तुलना में कई गुना अधिक है। पार्टी ने अपनी आय में से 3774.58 करोड़ रुपये यानी करीब 55.76 प्रतिशत खर्च किए।

वहीं कांग्रेस ने अपनी कुल आय 918.28 करोड़ रुपये बताई है, लेकिन पार्टी का खर्च 1111.94 करोड़ रुपये रहा। यानी कांग्रेस ने अपनी आय से करीब 193 करोड़ रुपये (21.09 प्रतिशत) अधिक खर्च किए।

कुछ पार्टियों ने आय से ज्यादा खर्च किया

रिपोर्ट के अनुसार सीपीआई-एम की आय 172.60 करोड़ रुपये रही, जबकि पार्टी ने 173.86 करोड़ रुपये खर्च कर दिए। यानी पार्टी ने अपनी आय से 1.26 करोड़ रुपये अधिक खर्च किए। इसी तरह बहुजन समाज पार्टी की आय 58.58 करोड़ रुपये रही, जबकि खर्च 106.30 करोड़ रुपये रहा। यह कुल आय से करीब 47.71 करोड़ रुपये (81.45 प्रतिशत) अधिक है।

आप और एनपीईपी ने कम खर्च किया

आम आदमी पार्टी की कुल आय 39.28 करोड़ रुपये रही, जिसमें से पार्टी ने 36.46 करोड़ रुपये खर्च किए। यानी कुल आय का लगभग 7.17 प्रतिशत कम खर्च हुआ। वहीं एनपीईपी की आय 2.18 करोड़ रुपये रही और इसमें से 1.19 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जो कुल आय का करीब 45.28 प्रतिशत है। कुल मिलाकर इन छह राष्ट्रीय दलों की संयुक्त आय लगभग 7960 करोड़ रुपये रही, जिसमें अकेले भाजपा की हिस्सेदारी लगभग 85 प्रतिशत है।

आय में किस पार्टी को फायदा, किसे नुकसान

वित्तीय वर्ष 2023-24 की तुलना में 2024-25 में कई दलों की आय में बदलाव देखने को मिला।

  • भाजपा की आय में 55.95 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और करीब 2428.67 करोड़ रुपये ज्यादा आए।
  • सीपीआई-एम की आय में 2.96 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
  • कांग्रेस की आय में 25.05 प्रतिशत की गिरावट आई और लगभग 306.83 करोड़ रुपये कम मिले।
  • बीएसपी की आय में 9.56 प्रतिशत की कमी हुई।
  • आम आदमी पार्टी की आय में 73.20 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
  • एनपीईपी की आय में 875.85 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो प्रतिशत के हिसाब से सबसे ज्यादा है।

पार्टियों की कमाई का मुख्य स्रोत

ADR की रिपोर्ट के मुताबिक राजनीतिक दलों की आय का सबसे बड़ा स्रोत दान (डोनेशन) रहा। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राष्ट्रीय दलों की कुल आय का लगभग 85.08 प्रतिशत (6772 करोड़ रुपये) दान और स्कीम से आया, जबकि 14.92 प्रतिशत (1187 करोड़ रुपये) अन्य स्रोतों से प्राप्त हुआ।

भाजपा की कुल आय का 90.48 प्रतिशत (6124 करोड़ रुपये) दान से आया।
आम आदमी पार्टी को अपनी आय का 99.85 प्रतिशत दान से मिला।
एनपीईपी को भी लगभग 97.74 प्रतिशत फंड दान से प्राप्त हुआ।

इसके उलट बीएसपी ने अपनी 100 प्रतिशत आय अन्य स्रोतों जैसे बैंक ब्याज और निवेश से होने की जानकारी दी है। वहीं कांग्रेस को चंदे के अलावा कूपन बिक्री से करीब 350 करोड़ रुपये की आमदनी हुई।

रिपोर्ट जमा करने में देरी

Election Commission of India ने सभी राष्ट्रीय दलों को 31 अक्टूबर 2025 तक अपनी ऑडिट रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए थे। हालांकि समय पर रिपोर्ट केवल बीएसपी, आप और एनपीईपी ने ही जमा की। जबकि भाजपा ने 56 दिन, कांग्रेस ने 48 दिन और सीपीआई-एम ने 18 दिन की देरी से अपनी रिपोर्ट आयोग को सौंपी। ADR की यह रिपोर्ट देश की राजनीतिक पार्टियों की आर्थिक स्थिति और चुनावी फंडिंग के पैटर्न को समझने में अहम मानी जा रही है।

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