रायपुर। होली के त्योहार पर छत्तीसगढ़ में शराब की बिक्री ने इस बार नया रिकॉर्ड बना दिया। होली के आसपास के दो दिनों में प्रदेश के मदिरा प्रेमियों ने 1 अरब 79 करोड़ रुपये से अधिक की देसी और विदेशी शराब खरीद ली। यह आंकड़ा सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना ज्यादा है।
जानकारी के अनुसार होली से एक दिन पहले 3 मार्च को ही प्रदेश में 128 करोड़ रुपये से अधिक की शराब की बिक्री दर्ज की गई। इसके बाद 5 मार्च को भी 51 करोड़ रुपये से अधिक की शराब बिकी। इस तरह दोनों दिनों में कुल मिलाकर 179 करोड़ रुपये से ज्यादा की मदिरा की बिक्री हुई।
स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन के एमडी पदुम सिंह एल्मा ने बताया कि सामान्य दिनों में छत्तीसगढ़ में औसतन करीब 40 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री होती है, लेकिन होली के कारण मांग में काफी बढ़ोतरी देखी गई। उन्होंने बताया कि 3 और 5 मार्च को मिलाकर रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई है।
बताया जाता है कि छत्तीसगढ़ में कुल 1 करोड़ 87 लाख 30 हजार 914 मतदाता हैं, जबकि होली के मौके पर 1 अरब 79 करोड़ रुपये से अधिक की शराब की बिक्री होना यह दर्शाता है कि त्योहार के दौरान शराब की खपत कितनी ज्यादा बढ़ जाती है।
रायपुर में चार दिन में 58 करोड़ से अधिक की बिक्री
राजधानी रायपुर जिले में होली के दौरान महज चार दिनों में शराब प्रेमियों ने 58 करोड़ 10 लाख रुपये की शराब खरीद ली। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 91 लाख रुपये अधिक है।
आंकड़ों के अनुसार होली के दिन 4 मार्च को शराब दुकानें बंद थीं, लेकिन इसके बावजूद त्योहार का असर अगले दिन भी देखने को मिला। 5 मार्च को लोगों ने करीब 8 करोड़ 31 लाख रुपये की शराब खरीदी।
वहीं असली खरीदारी होली से पहले के दिनों में हुई।
3 मार्च को लोगों ने 21 करोड़ 73 लाख रुपये की शराब खरीदी, जबकि 2 मार्च को 15 करोड़ 94 लाख रुपये की बिक्री हुई। इसके एक दिन पहले 1 मार्च को 12 करोड़ 11 लाख रुपये की शराब बिकी।
देशी से ज्यादा बढ़ी विदेशी शराब की मांग
आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में देशी शराब की तुलना में विदेशी शराब की मांग तेजी से बढ़ रही है। चार दिनों के आंकड़ों में 1 मार्च को छोड़कर बाकी तीनों दिन पिछले साल की तुलना में देशी शराब की बिक्री कम रही।
हालांकि विदेशी स्प्रिट और माल्ट की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। विदेशी स्प्रिट की बिक्री में लगभग 60 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखने को मिली, जो शराब के बदलते ट्रेंड की ओर इशारा करती है।
त्योहार के दौरान हुई रिकॉर्ड बिक्री ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि छत्तीसगढ़ में बड़े त्योहारों के मौके पर शराब की मांग अचानक कई गुना बढ़ जाती है।










