दुर्ग। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने दुर्ग प्रवास के दौरान भाजपा कोर ग्रुप की बैठक में हिस्सा लिया। बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने प्रदेश में माओवाद के खिलाफ चल रही कार्रवाई और जेलों में बंद आरोपियों से जुड़े पुराने मामलों को लेकर सरकार की रणनीति पर बात की।
माओवाद को जड़ से खत्म करना लक्ष्य
विजय शर्मा ने कहा कि सुरक्षा बलों के पराक्रम के चलते सरकार ने जंगलों के एक बड़े हिस्से से माओवाद को बाहर करने में सफलता हासिल की है। अब सरकार का अगला और महत्वपूर्ण लक्ष्य हिंसात्मक माओवादी विचारधारा को जड़ से खत्म करना है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को सरकार से सवाल पूछने और उसकी आलोचना करने का अधिकार है। हालांकि हिंसा, अराजकता और राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिशों को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
1300 पुराने मामलों की हो रही समीक्षा
गृहमंत्री ने जेलों में बंद आरोपियों से जुड़े पुराने मामलों को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि करीब 1300 पुराने प्रकरणों की बारीकी से समीक्षा की जा रही है।
इन मामलों को जनहानि, केंद्रीय कानूनों के प्रावधान और अन्य आधारों पर अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया है। फिलहाल ऐसे मामलों को प्राथमिकता से देखा जा रहा है, जिनमें किसी तरह की जनहानि नहीं हुई और जिनमें कोई केंद्रीय कानून लागू नहीं होता।
उन्होंने कहा कि नियमों के तहत परीक्षण और समीक्षा के बाद ही इन मामलों में आगे की उचित कार्रवाई की जाएगी।
वंदे मातरम और तिरंगा देश के स्वाभिमान का प्रतीक
वंदे मातरम और राष्ट्रध्वज तिरंगे को लेकर विजय शर्मा ने कहा कि ये किसी राजनीतिक दल के नहीं, बल्कि पूरे देश के स्वाभिमान और सम्मान के प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा कि देश अब अपने मान-बिंदुओं के साथ मजबूती से खड़ा है। उनके मुताबिक, पहले वंदे मातरम पूरा गाया जाता था, लेकिन बाद में इसे सीमित कर दिया गया। अब देश अपने स्वाभिमान और राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर मजबूती से आगे बढ़ रहा है।










