Trendingछत्तीसगढबड़ी खबर

पेलेट गन: राहुल की जिद के आगे झुकी दिल्ली पुलिस, 31 दिन बाद हो रही FIR

दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी की मांग मान ली है और पेलेट गन के मामले में FIR दर्ज कर रही है. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के नेता पीड़ित लोचब को लेकर संसद मार्ग थाने में धरने पर बैठे हैं. दिल्ली पुलिस शिकायतकर्ता की शिकायत पर FIR दर्ज कर रही है. यह FIR घटना के 31 दिन के बाद दर्ज की जा रही है.

उन्होंने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR की मांग की, जिसे पार्टी ने कथित तौर पर क्रूरता बताया. शिकायत दर्ज करने से मना करने पर नेताओं ने पुलिस अधिकारियों से बहस की. राहुल गांधी ने पुलिस को चेतावनी दी थी, “अगर आप FIR दर्ज नहीं करेंगे तो मैं 30 दिन या छह महीने तक भी पुलिस स्टेशन के बाहर धरने पर बैठूंगा.”इस बीच, राहुल गांधी के काफिले में शामिल गाड़ियों को थाना परिसर से बाहर निकाला जा रहा है. पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में राहुल गांधी की टीम के द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. सूत्रों का कहना है कि बीएनएस की धारा क्या लगेगी? यह एफआईआर दर्ज होने के बाद ही पता लग सकेगा.

FIR की मांग पर धरने पर बैठे राहुल गांधी
बता दें कि राहुल गांधी पीड़ित लोचब के साथ पहले मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन गए, जहां उन्होंने FIR दर्ज करने की मांग की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. पार्लियामेंट स्ट्रीट पर, गांधी डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (सेंट्रल) सचिन शर्मा से मिले. जब बातचीत से मामला हल नहीं हुआ, तो कांग्रेस नेता पुलिस स्टेशन में धरने पर बैठ गए, जहां DCP ऑफिस भी है.

लोचब और उनकी मां राहुल गांधी के साथ रहे, जबकि कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, पार्टी महासचिव जयराम रमेश और दूसरे सीनियर नेता विरोध में शामिल हुए.

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों ने उनसे कहा कि FIR दर्ज नहीं की जा सकती, क्योंकि “ऊपर से ऑर्डर” हैं. उन्होंने कहा कि मांग सिर्फ केस दर्ज करने और जांच करने वाले अधिकारी का नाम बताने की थी. गांधी ने रिपोर्टरों से कहा, “जब तक FIR दर्ज नहीं हो जाती, हम यहां से नहीं हटेंगे.”

राहुल ने पहले भी की थी शिकायत, नहीं दर्ज हुई थी FIR
उन्होंने कहा कि हमारी एकमात्र मांग FIR और जांच अधिकारी का नाम है. हम केवल इस परिवार के लिए न्याय मांग रहे हैं. NEET पेपर लीक और कथित परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान लोचब की आंख और पेट में पेलेट से चोटें आईं. बाद में AIIMS ट्रॉमा सेंटर में उनकी सर्जरी हुई. गांधी ने लोचब के मेडिकल रिकॉर्ड का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस के इस बयान पर सवाल उठाया कि उसके कर्मियों ने पेलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया था.

उन्होंने कहा कि उसकी आंख में तीन पेलेट मिले. यह अस्पताल की रिपोर्ट है जिसमें यह साफ लिखा है. दिल्ली पुलिस ने कहा कि उन्होंने पेलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया, लेकिन किसी ने जरूर पेलेट गन का इस्तेमाल किया होगा. क्राइम इसलिए हुआ क्योंकि उसके शरीर पर पेलेट थे.”

गांधी के लोचब के साथ पुलिस स्टेशन जाने से पहले शिकायत कई दिनों से पेंडिंग थी. सूत्रों ने कहा कि लोचब 14 अगस्त को अपने वकीलों के साथ पुलिस के पास गया और एक लिखित शिकायत दी, लेकिन कोई FIR दर्ज नहीं की गई. उन्होंने कहा कि 17 अगस्त को ईमेल और फोन के जरिए मामले को फिर से आगे बढ़ाया गया, लेकिन पुलिस की तरफ से कोई जवाब नहीं आया. उसके बाद गुरुवार को राहुल गांधी सीधे थाने पहुंच गये और धरने पर बैठ गये. उसके बाद पुलिस को झुकना पड़ा और FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है.

Related Posts

 युवाओं को ‘जॉब सीकर’ नहीं, ‘जॉब क्रिएटर’ बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय वर्ल्ड लीडर्स…

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से की नई दिल्ली में सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली प्रवास के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री…

दिल दहला देने वाली वारदात: मायके जाने की जिद पर देवर ने उठाया खौफनाक कदम, अदालत ने सुनाई उम्रकैद की सजा

जगदलपुर (बस्तर): छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के जगदलपुर से एक सनसनीखेज और झकझोर देने…

1 of 457