रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए भारतीय वन सेवा (IFS) के 11 अधिकारियों को नवीन पदस्थापना दी है। जारी आदेश में कई अधिकारियों को टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान और वनमंडलों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। तबादला सूची में ज्यादातर अधिकारी टाइगर रिजर्व और वन्यजीव से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर पदस्थ किए गए हैं।
किस अधिकारी को कहां मिली जिम्मेदारी?
- सौरभ सिंह ठाकुर (2017) — उप संचालक, गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व, बैकुंठपुर से उप संचालक, हाथी रिजर्व, सरगुजा, अंबिकापुर।
- दिनेश कुमार पटेल (2018) — वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), मोहला से उप संचालक, अचानकमार टाइगर रिजर्व, लोरमी।
- गणेश यू.आर. (2019) — उप संचालक, अचानकमार टाइगर रिजर्व, बिलासपुर से वनमंडल अधिकारी, अनुसंधान एवं विस्तार वन मंडल बिलासपुर। उन्हें संचालक, अचानकमार-अमरकंटक बायोस्फियर रिजर्व, बिलासपुर का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
- अभिनव कुमार (2021) — वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), मुंगेली से वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), मोहला।
- एस. नवीन कुमार (2022) — संचालक, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, जगदलपुर से वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), पश्चिम भानुप्रतापपुर।
- गौतम पादीभर (2023) — उप वनमंडलाधिकारी, गौरेला-मरवाही वनमंडल से संचालक, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, जगदलपुर।
- श्वेता कम्बोज (2023) — उप वनमंडलाधिकारी, अंबिकापुर वनमंडल से उप संचालक, गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व, बैकुंठपुर।
- सुमेध संजय सुरवणे (2023) — उप वनमंडलाधिकारी, सुकमा वनमंडल से उप संचालक, इंद्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर।
- तन्मय कौशिक (2023) — उप वनमंडलाधिकारी, रायगढ़ वनमंडल से वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), मुंगेली।
- स्टायलो मंडावी (2011) — प्रभारी मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) एवं क्षेत्र निदेशक, इंद्रावती टाइगर रिजर्व, जगदलपुर तथा अतिरिक्त प्रभार मुख्य वन संरक्षक (प्रादेशिक), जगदलपुर।
- उत्तम कुमार गुप्ता के कार्यभार ग्रहण करने के बाद — विभागीय आदेश दिनांक 08 अगस्त 2026 के पालन में संबंधित अधिकारी को प्रभारी मुख्य वन संरक्षक (प्रादेशिक), जगदलपुर को छोड़कर शेष प्रभार से मुक्त किया जाएगा।
टाइगर रिजर्व और वन्यजीव प्रबंधन पर फोकस
इस तबादला सूची में अचानकमार, गुरु घासीदास और इंद्रावती टाइगर रिजर्व के अलावा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान जैसे महत्वपूर्ण वन्यजीव क्षेत्रों में अधिकारियों की नई पदस्थापना की गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि इन क्षेत्रों के प्रशासनिक और वन्यजीव प्रबंधन से जुड़े कामकाज में नई जिम्मेदारियों के साथ बदलाव देखने को मिलेगा।
नई पदस्थापना के बाद संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने नए पद का कार्यभार संभालना होगा। वन विभाग में हाल के दिनों में जारी यह प्रशासनिक फेरबदल महत्वपूर्ण माना जा रहा है।










