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दिल दहला देने वाली वारदात: मायके जाने की जिद पर देवर ने उठाया खौफनाक कदम, अदालत ने सुनाई उम्रकैद की सजा

जगदलपुर (बस्तर): छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के जगदलपुर से एक सनसनीखेज और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। अदालत ने पारिवारिक विवाद के चलते अपनी ही भाभी की हत्या करने और बड़े भाई पर जानलेवा हमला करने वाले आरोपी देवर को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायालय, जगदलपुर द्वारा करीब डेढ़ साल तक चले लंबे ट्रायल के बाद सुनाया गया है।

क्या था पूरा मामला?

यह दर्दनाक घटना जगदलपुर के परपा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बड़े बोदल गांव की है। दोषी ठहराए गए आरोपी का नाम नीलू मंडावी है। पुलिस और अभियोजन पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी नीलू मंडावी इस बात से बेहद नाराज रहता था कि उसकी भाभी, जयमनी मंडावी, बार-बार अपने मायके जाती थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर मनमुटाव और विवाद होता रहता था।

रॉड और हथौड़े से किया था अंधाधुंध वार

घटना की रात करीब 8 बजे आरोपी नीलू मंडावी अपने बड़े भाई के घर पहुंचा। उसके हाथ में लोहे की रॉड और हथौड़ा था। भाभी के मायके जाने की बात को लेकर एक बार फिर तीखी बहस शुरू हो गई, जो जल्द ही खूनी संघर्ष में बदल गई। गुस्से में अंधे हो चुके आरोपी ने अपनी भाभी जयमनी मंडावी पर लोहे की रॉड और हथौड़े से ताबड़तोड़ जानलेवा हमले कर दिए।

बीच-बचाव करने पहुंचे बड़े भाई को भी पीटा

शोरगुल सुनकर जब बड़ा भाई बोंडूक मंडावी अपनी पत्नी को बचाने के लिए बीच-बचाव करने आए, तो आरोपी ने उन पर भी रहम नहीं किया। आरोपी ने बड़े भाई के सिर और चेहरे पर गंभीर वार किए, जिससे वे लहूलुहान होकर गिर पड़े। इस भयानक हमले में जयमनी मंडावी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिनकी बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, बड़े भाई बोंडूक मंडावी भी इस हमले में बुरी तरह जख्मी हो गए थे।

डेढ़ साल चला कोर्ट में ट्रायल

वारदात के तुरंत बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था और साक्ष्य जुटाकर अदालत में चार्जशीट पेश की। अभियोजन पक्ष ने बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 103(1) और 109 के तहत मामला साबित करने के लिए कोर्ट में पुख्ता सबूत और गवाह पेश किए। करीब डेढ़ साल तक चली सुनवाई के बाद न्यायालय ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया।

अदालत का फैसला

जिला एवं सत्र न्यायालय के पीठासीन अधिकारी गोविंद नारायण जांगड़े ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी नीलू मंडावी को दोषी पाया:

  • भाभी की हत्या पर: आरोपी को भाभी जयमनी मंडावी की हत्या के मामले में आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई गई है।
  • बड़े भाई पर हमले पर: बड़े भाई बोंडूक मंडावी पर जानलेवा हमला करने के जुर्म में 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा दी गई है।
  • अर्थदंड: अदालत ने दोनों मामलों में आरोपी पर 100-100 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

इस सनसनीखेज फैसले से पूरे इलाके में एक बार फिर पारिवारिक विवादों के खूनी परिणामों को लेकर चर्चा और सनसनी फैल गई है।

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