नई दिल्ली। टेस्ट और टी20 क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अब विराट कोहली और रोहित शर्मा की राह वनडे टीम में बने रहने के लिए घरेलू क्रिकेट से होकर गुजरेगी। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने दोनों सीनियर खिलाड़ियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि अगर वे वनडे टीम में अपनी जगह बनाए रखना चाहते हैं, तो उन्हें विजय हजारे ट्रॉफी या अन्य घरेलू टूर्नामेंट में हिस्सा लेना होगा।
सूत्रों के मुताबिक, बोर्ड और टीम प्रबंधन ने दोनों खिलाड़ियों को यह जानकारी दे दी है कि अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल में जब भी खाली समय मिले, उन्हें घरेलू क्रिकेट खेलना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य है कि सीनियर खिलाड़ियों की मैच फिटनेस और लय बरकरार रहे, ताकि वे लंबे ब्रेक के बाद सीधे इंटरनेशनल मुकाबलों में न उतरें।
रिपोर्ट्स के अनुसार, रोहित शर्मा ने मुंबई क्रिकेट असोसिएशन (MCA) को सूचित कर दिया है कि वे विजय हजारे ट्रॉफी के लिए उपलब्ध रहेंगे। मुंबई का अभियान 24 दिसंबर से शुरू होने वाला है। तब तक भारत और दक्षिण अफ्रीका की वनडे सीरीज खत्म हो जाएगी। अगली वनडे सीरीज भारत की न्यूजीलैंड से है, जो 11 जनवरी से शुरू होगी।
वहीं, विराट कोहली इस समय लंदन में हैं, लेकिन बोर्ड को उम्मीद है कि वे भी भारत लौटकर घरेलू क्रिकेट में हिस्सा लेंगे। पिछले सीजन में दोनों खिलाड़ियों ने एक-एक रणजी मैच खेला था। कोहली ने 12 साल बाद दिल्ली के लिए, जबकि रोहित ने 10 साल बाद मुंबई के लिए मैदान संभाला था। सेलेक्शन कमेटी के चेयरमैन अजीत अगरकर ने हाल ही में कहा था, अगर खिलाड़ी फ्री हैं, तो उन्हें घरेलू क्रिकेट खेलना चाहिए। यही उन्हें शार्प और तैयार रखता है। अगरकर ने यह भी साफ किया कि अगले वनडे वर्ल्ड कप 2027 के लिए कोहली और रोहित किसी “ट्रायल” पर नहीं हैं। उनके शब्दों में, दोनों ने भारतीय क्रिकेट को बहुत कुछ दिया है। टीम की दिशा उनके अनुभव, फिटनेस और उपलब्धता से तय होगी। BCCI का रुख अब साफ है टीम इंडिया में जगह अब सिर्फ नाम या रिकॉर्ड से नहीं, बल्कि घरेलू मैदान पर प्रदर्शन और समर्पण से तय होगी।
अगर विराट कोहली और रोहित शर्मा घरेलू क्रिकेट में उतरते हैं, तो यह आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए एक मजबूत उदाहरण बनेगा कि बड़े नाम भी अपनी जगह बनाए रखने के लिए मेहनत से पीछे नहीं हटते।










