राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के बसंतपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने फर्जी मैरिज ब्यूरो चलाकर युवकों से लाखों की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने ‘लव लाईफ रिश्ते मैरिज ब्यूरो’ के संचालक और डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है।
ऐसे करते थे ठगी का खेल
आरोपी नेहा पाठक और धर्मेन्द्र मानिकपुरी सृष्टि कॉलोनी में कार्यालय खोलकर फर्जी मैरिज ब्यूरो चला रहे थे। ये लोग इंटरनेट और सोशल मीडिया से युवतियों के फोटो डाउनलोड कर फर्जी प्रोफाइल तैयार करते थे। इसके बाद व्हाट्सएप के माध्यम से युवकों को ये प्रोफाइल भेजे जाते थे और शादी के नाम पर संपर्क बढ़ाया जाता था।
इसके बाद रजिस्ट्रेशन, पैकेज और फैमिली मीटिंग के नाम पर युवकों से 30 से 40 हजार रुपये तक वसूले जाते थे। पैसे लेने के बाद आरोपी किसी न किसी बहाने से संपर्क तोड़ देते थे।
एक साल में 37 लाख से ज्यादा की ठगी
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने बीते एक साल में 37 लाख 69 हजार रुपये की ठगी को अंजाम दिया है।
दीवारों पर टंगे थे फर्जी सर्टिफिकेट
कार्यालय में विश्वास पैदा करने के लिए दीवारों पर फर्जी प्रमाण पत्र भी लगाए गए थे। पुलिस ने मौके से 7 एंड्रॉइड मोबाइल और 14 कीपैड मोबाइल जब्त किए हैं। मोबाइल की जांच में 2286 युवतियों के फोटो मिले, जिनका इस्तेमाल फर्जी प्रोफाइल बनाने के लिए किया जा रहा था।
पुलिस कार्रवाई और धाराएं
मामले की शुरुआती जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन द्वारा की गई। इसके बाद थाना बसंतपुर में मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ आईटी एक्ट की धारा 66-D के तहत केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश किया गया।
पुलिस की अपील
राजनांदगांव पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन मैरिज ब्यूरो, सोशल मीडिया या व्हाट्सएप पर मिलने वाले विवाह प्रस्तावों पर बिना जांच-पड़ताल के भरोसा न करें और किसी भी तरह की फीस या रकम देने से पहले सत्यापन जरूर करें।








