छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में वक्फ बोर्ड ने बड़ा प्रशासनिक और धार्मिक फैसला लेते हुए शहर काजी आरिफ फारूकी को उनके पद से हटा दिया है। इस संबंध में वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज द्वारा आधिकारिक आदेश जारी किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, आरिफ फारूकी को उनके पिता के निधन के बाद शहर काजी के पद पर नियुक्त किया गया था। हालांकि हाल के दिनों में उनके खिलाफ कुछ आपत्तिजनक गतिविधियों और विवादों को लेकर शिकायतें सामने आई थीं, जिससे समुदाय के भीतर असंतोष बढ़ने लगा था।
मौलानाओं की बैठक में उठा मुद्दा
31 मार्च को शहर के एक बड़े मदरसे में प्रमुख मौलानाओं और समुदाय के प्रतिनिधियों की अहम बैठक आयोजित की गई थी। इस दौरान आरिफ फारूकी के आचरण और कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए गए। चर्चा के बाद सर्वसम्मति से उन्हें पद से हटाने का प्रस्ताव पारित किया गया, जिसकी लिखित जानकारी वक्फ बोर्ड को दी गई।
दो दिन की जांच के बाद कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए वक्फ बोर्ड ने तुरंत संज्ञान लेते हुए दो दिनों तक जांच-पड़ताल की। सभी तथ्यों और पक्षों पर विचार करने के बाद 2 अप्रैल को बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने आरिफ फारूकी को पद से बर्खास्त करने का निर्णय लिया।
नई नियुक्ति का इंतजार
फिलहाल शहर काजी के पद पर किसी नई नियुक्ति की घोषणा नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार, वक्फ बोर्ड जल्द ही नए काजी की नियुक्ति करेगा, ताकि धार्मिक और सामाजिक गतिविधियां सुचारू रूप से जारी रह सकें।









