इस्लामाबाद। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान एक मस्जिद में हुए भीषण बम धमाके ने पूरे देश को दहला दिया। इस आत्मघाती हमले में 50 से अधिक लोगों की मौत की खबर है, जबकि 70 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। हालांकि पाकिस्तान सरकार ने अब तक 12 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की है।
रिपोर्ट के मुताबिक घायलों को पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) और सीडीए अस्पताल समेत तीन अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
मस्जिद के गेट पर खुद को उड़ाया
स्थानीय मीडिया के अनुसार यह धमाका तारलाई इलाके की कसर-ए-खदीजतुल कुबरा मस्जिद में हुआ, जिसे इस्लामाबाद की प्रमुख और बड़ी मस्जिदों में गिना जाता है। शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे नमाज के लिए बड़ी संख्या में लोग मस्जिद में जुट रहे थे। इसी दौरान एक संदिग्ध युवक मस्जिद में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। गेट पर सुरक्षा जांच के दौरान रोके जाने पर उसने खुद को विस्फोट से उड़ा लिया।
भयावह तस्वीरें और वीडियो वायरल
धमाके के बाद की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिनमें शवों के अंग इधर-उधर बिखरे नजर आ रहे हैं। घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर भागते दिखे।
सेना और पुलिस ने संभाला मोर्चा
हमले के तुरंत बाद पुलिस और सेना की टीमें मौके पर पहुंचीं। पूरे इलाके को घेर लिया गया है और राजधानी इस्लामाबाद में एहतियात के तौर पर इमरजेंसी घोषित कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच में जुट गई हैं।
टीटीपी पर शक
इस्लामाबाद पुलिस का कहना है कि आत्मघाती हमलावर के तार अफगानिस्तान से जुड़े हो सकते हैं और हमले के पीछे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का हाथ होने की आशंका है। हालांकि अब तक किसी भी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
शिया समुदाय की मस्जिद को बनाया निशाना
जिस मस्जिद में हमला हुआ, वह शिया समुदाय की प्रमुख मस्जिद मानी जाती है। पाकिस्तान में शिया समुदाय की आबादी करीब 2 करोड़ है, जो देश की कुल आबादी का लगभग 10 से 12 प्रतिशत है।
राजधानी में फिर दहशत
नवंबर 2025 के बाद यह इस्लामाबाद में दूसरा बड़ा आतंकी हमला है। इससे पहले नवंबर 2025 में इस्लामाबाद कोर्ट के बाहर हुए विस्फोट में 12 लोगों की मौत और 36 लोग घायल हुए थे, जिसकी जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान ने ली थी।







