बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर से एक बार फिर धर्मांतरण का मामला सामने आया है। सरकंडा थाना क्षेत्र के चांटीडीह इलाके में प्रार्थना सभा की आड़ में धर्म परिवर्तन कराए जाने का आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस ने पास्टर जेम्स सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, पास्टर जेम्स सिंह एक निजी मकान में प्रार्थना सभा का आयोजन कर रहा था, जहां हिंदू महिला और पुरुषों को कथित रूप से ईसाई धर्म का पाठ पढ़ाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि घर का मुख्य गेट बंद कर अंदर करीब 20 से 25 लोगों को इकट्ठा किया गया था और बंद कमरे में ब्रेनवॉश किया जा रहा था।
इसकी सूचना मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया और पुलिस को मामले की जानकारी दी। शिकायत के बाद सरकंडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की। फिलहाल पुलिस ने पास्टर जेम्स सिंह के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।
अंबिकापुर में पूर्व डिप्टी कलेक्टर गिरफ्तार
इससे पहले अंबिकापुर में चंगाई सभा के नाम पर धर्मांतरण कराए जाने के एक अन्य मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। जांच के बाद पुलिस ने सेवा निवृत्त डिप्टी कलेक्टर ओमेगा टोप्पो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार, 25 जनवरी को गांधीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत नमनाकला निवासी 65 वर्षीय रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर ओमेगा टोप्पो द्वारा अपने निवास पर चंगाई सभा का आयोजन किया गया था। इस सभा में करीब 60 लोग शामिल हुए थे, जहां धर्म परिवर्तन कराए जाने का आरोप लगा।
हिंदूवादी संगठनों का विरोध
धर्मांतरण की सूचना मिलने पर हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और सभा का विरोध किया। संगठनों का आरोप था कि चंगाई सभा के नाम पर हिंदू धर्म के भोले-भाले लोगों को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। आरोप है कि पूर्व डिप्टी कलेक्टर ने घर के भीतर आराधना चलने का हवाला देकर अधिकारियों को प्रवेश से रोका और अनुमति संबंधी दस्तावेज मांगने लगीं। इसी दौरान घर के अंदर मौजूद अधिकांश लोगों को बाहर भेज दिया गया।
हाईकोर्ट के आदेश का हवाला
हिंदूवादी संगठनों का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार बिना पूर्व अनुमति किसी निजी घर में इस तरह के धार्मिक आयोजन नहीं किए जा सकते। इसके बावजूद ओमेगा टोप्पो के घर पर लंबे समय से हर रविवार चंगाई सभा आयोजित की जा रही थी।
धर्मांतरण के इस मामले में पुलिस ने ओमेगा टोप्पो सहित चार पास्टरों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। विस्तृत जांच के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ओमेगा टोप्पो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। फिलहाल दोनों मामलों में पुलिस जांच जारी है और प्रशासन का कहना है कि कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।









