धमतरी (दहदाहा): जिले के कुरूद ब्लॉक स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय, दहदाहा में एक रूह कंपा देने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहाँ कक्षा 6वीं से 8वीं तक के लगभग 35 छात्र-छात्राओं ने अपने ही हाथों की कलाइयों पर ब्लेड, डिवाइडर, पिन और बबूल के कांटों से चोट पहुंचाई है। घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
कैसे हुआ खुलासा?
घटना की जानकारी तब मिली जब तीन बच्चों के अभिभावक स्कूल पहुंचे और प्राचार्य को बच्चों के हाथों पर गहरे जख्म और खरोंच के निशान दिखाए। इसके बाद जब स्कूल प्रबंधन ने जांच की, तो पता चला कि यह किसी एक बच्चे की हरकत नहीं बल्कि एक ‘ट्रेंड’ की तरह फैल चुका था।
बच्चों ने चोट पहुंचाने के लिए ज्यामिति बॉक्स (Geometry Box) के डिवाइडर, पेंसिल, ब्लेड और यहाँ तक कि बबूल के कांटों का उपयोग किया।स्कूल प्राचार्य पुनीत राम साहू के अनुसार, यह कृत्य पिछले दो महीनों से चोरी-छिपे चल रहा था। बच्चे एक-दूसरे को देखकर ऐसा कर रहे थे। प्रारंभिक पूछताछ में संकेत मिले हैं कि बच्चे इंस्टाग्राम रील्स या किसी इंटरनेट ‘चैलेंज’ से प्रभावित होकर खुद को नुकसान पहुंचा रहे थे। खबर मिलते ही एसडीएम, एसडीओपी और खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) की टीम गांव पहुंची और बच्चों व परिजनों से बात की।
विशेषज्ञों और प्रशासन की राय
धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन का मानना है कि यह किशोरावस्था में साथियों के दबाव और डिजिटल सामग्री के गलत प्रभाव का परिणाम है।
इस घटना ने स्कूल प्रबंधन की निगरानी और अभिभावकों की सक्रियता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। दो महीने तक बच्चों के हाथों पर कट के निशान होने के बावजूद किसी का ध्यान न जाना एक बड़ी चूक मानी जा रही है।









