बिलासपुर के सकरी तहसील के ग्राम लोखंडी में बुजुर्ग विधवा दूजबाई के मुआवजे का घोटाला सामने आया है। नेशनल हाईवे और अरपा भैंसाझार परियोजना के लिए अधिग्रहित उनकी जमीन का पांच लाख 12 हजार रुपए का मुआवजा पड़ोसी के नाम कर दिया गया।
सरकारी नक्शे में हेरफेर
दूजबाई की खसरा नंबर 71/1 ख की 47 डिस्मिल जमीन सरकारी दस्तावेजों में पड़ोसी सूरज बली कश्यप के नाम दिखने लगी। इसके कारण असली हकदार दूजबाई अब मुआवजा पाने के लिए मोहताज हैं।
रसूखदारों और अधिकारियों पर आरोप
दूजबाई और उनके पड़ोसी का आरोप है कि तहसील कार्यालय के अधिकारी और रसूखदार मिलकर फाइलों में हेरफेर कर रहे हैं। तहसीलदार राहुल शर्मा पर फाइल दबाकर मामले को ठंडे बस्ते में डालने का आरोप है।
बची संपत्ति पर भी कब्जा
दूजबाई ने बताया कि अधिग्रहित जमीन के अलावा उनकी बाकी संपत्ति पर भी भू-माफिया ने कब्जा कर रखा है। प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
पीड़िता ने कहा कि उनकी जमीन का सही नापजोख और सीमांकन कर नक्शा सुधारा जाए और उनका वैध मुआवजा तुरंत दिलाया जाए। साथ ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए ताकि रसूखदारों की मिलीभगत से होने वाला अन्याय रोका जा सके। यह मामला प्रशासन की लापरवाही और रसूखदारों के दबदबे की कहानी सामने लाता है, जिसे जल्द सुलझाने की मांग उठ रही है।









