गोवा। खूबसूरत बीच, पर्यटन और अद्वितीय पुर्तगाली संस्कृति के लिए प्रसिद्ध गोवा अब एक नई आध्यात्मिक पहचान के साथ जुड़ने जा रहा है। पहली बार गोवा भगवान श्रीराम के नाम से भी जाना जाएगा, क्योंकि यहां दुनिया की सबसे ऊंची भगवान श्रीराम की प्रतिमा का अनावरण होने जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दक्षिण गोवा स्थित श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगाली जीवोत्तम मठ में 77 फीट ऊंची इस विशाल प्रतिमा का अनावरण करेंगे। यह प्रतिमा कांस्य (Bronze) की बनी है और हाथों में धनुष-बाण धारण किए हुए भगवान श्रीराम के दिव्य स्वरूप को दर्शाती है।
प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार की शानदार रचना
इस प्रतिमा को नोएडा के प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है। यही वे कलाकार हैं जिन्होंने गुजरात के केवड़िया में बने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को डिजाइन किया था। भगवान राम की इस नई प्रतिमा में उनकी सौम्यता, तेज और दिव्यता को विशेष रूप से उकेरा गया है।
550वें स्थापना वर्ष पर ऐतिहासिक कार्यक्रम
आज जिस मठ में यह कार्यक्रम हो रहा है, वह श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगाली जीवोत्तम मठ अपना 550वां स्थापना वर्ष मना रहा है। इसी उपलक्ष्य में भगवान श्रीराम की इस भव्य प्रतिमा का अनावरण किया जा रहा है। इसके साथ ही यहां एक रामायण थीम पार्क, राम संग्रहालय और कई आध्यात्मिक संरचनाओं का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे यह स्थान धार्मिक पर्यटन का नया केंद्र बनने जा रहा है।
गोकर्ण पर्तगाली जीवोत्तम मठ का वैभवशाली इतिहास
यह मठ गौड़ सारस्वत ब्राह्मण वैष्णव सम्प्रदाय का पहला प्रमुख मठ है, जो द्वैत वेदांत दर्शन का अनुसरण करता है। इसकी परंपरा 13वीं शताब्दी में जगद्गुरु माधवाचार्य द्वारा स्थापित की गई थी। यह मठ दक्षिण गोवा के पर्तगाली कस्बे में, कुशावती नदी के किनारे स्थित है।
भगवान श्रीराम की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा का अनावरण न केवल गोवा की पहचान को एक नया आयाम देगा, बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं के लिए यह स्थान एक प्रमुख धार्मिक केंद्र के रूप में उभरेगा।









