रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित वीडियो को लेकर हिंदू संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। संगठनों का आरोप है कि एक विशेष समुदाय से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट द्वारा प्रसारित इस वीडियो में हिंदू देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक और भ्रामक दावे किए गए हैं, जिससे सनातन समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है और उन्होंने इस संबंध में पुलिस प्रशासन से कड़ी वैधानिक कार्रवाई की मांग करने का निर्णय लिया है।
क्या है वीडियो में? (आरोपों के मुताबिक)
हिंदू संगठनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो में ईसाई धर्म के ईशु (जीसस) को हिंदू देवी-देवताओं से ऊपर दर्शाने का प्रयास किया गया है।
- भ्रामक दावों का आरोप: आरोप है कि वीडियो में भगवान शिव और भगवान विष्णु द्वारा ईशु को अपना ‘पिता’ बताए जाने जैसे मनगढ़ंत और विवादित दावे किए गए हैं।
- वैमनस्य फैलाने की कोशिश: संगठनों का कहना है कि यह केवल एक वीडियो नहीं, बल्कि सोची-समझी रणनीति के तहत समाज में भ्रम पैदा करने और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास है।
पुलिस से करेंगे लिखित शिकायत
इस मामले को लेकर राजधानी के प्रमुख हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने बैठक की और तय किया कि इस पूरे प्रकरण की औपचारिक शिकायत पुलिस के साइबर सेल और स्थानीय थाने में दर्ज कराई जाएगी।
संगठनों की चेतावनी
हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर किसी भी धर्म के आराध्य देवों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस से मांग की जाएगी कि वीडियो की सत्यता की जांच कर इसे तुरंत सोशल मीडिया से हटवाया जाए और इसे प्रसारित करने वाले अकाउंट संचालक के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने (IPC/BNS की सुसंगत धाराओं) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया जाए।









