December Supermoon 2025: आज मार्गशीर्ष पूर्णिमा का दिन है. पूर्णिमा के दिन निकलने वाले चांद को पूनम का चांद कहा जाता है. आज की रात खगोल प्रेमियों के लिए बहुत विशेष रहने वाली है. आसमान में आज साल 2025 का भव्य और अंतिम सुपरमून नजर आने वाला है. आज चांद समान्य पूर्णिमा की तुलना में कहीं बड़ा और शानदार नजर आएगा. ये पूरा साल का सबसे बड़ा चांद होगा.
ये चांद धरती के बहुत करीब होगा. ये सामान्य चांद से 10 प्रतिशत बड़ा नजर आएगा. यही वजह है कि इसे कोल्ड सुपरमून कहा जा रहा है. आप सूर्यास्त के बाद आसमान में नजर डालेंगे तो आपको ये खूबसूरत नजरा दिखाई देगा. इस खगोलीय घटना को आंखों से देखना एक अविस्मरणीय अनुभव होने वाला है.
क्या होता है सूपर मून?
सूपरमून तब होता है, जब चंद्रमा अपनी कक्षा में पृथ्वी के बिल्कुल करीब आ जाता है. ऐसा होने पर चंद्रमा का आकार सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा चमकीला नजर आता है. चंद्रमा के पृथ्वी के करीब आने पर ही पूर्णिमा की रात होती है. इस बार चांद धरती से सिर्फ 3,57,000 किमी दूर होगा, इसलिए ये 10 प्रतिशत बड़ा और 30 फीसदी ज्यादा चमकीला नजर आएगा.
भारत में रात 7 बजे के आसपास दिखेगा
सुपरमून के अलावा आज शीतकालीन तारामंडल भी नजर आने वाला है. आज बृहस्पति ग्रह भी चंद्रमा के पास चमकता हुआ नजर आएगा. आज शाम चंद्र के उदय होने के साथ ही सुपरमून भारत में नजर आने लगेगा. भारत में रात 7 बजे के आसपास बड़ा-बड़ा नारंगी चांद दिखेगा. हर जगह साफ मौसम रहा तो बिना दूरबीन के भी दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और हर स्थान पर कमाल का चांद नजर आएगा.
साल का सबसे ऊंचा चांद क्यों रहेगा?
सबसे सुंदर नजारा 5 दिसंबर की शाम को होगा, जब सूरज डूबने के 1 घंटे बाद चंद्रोदय होगा. दिसंबर में दिखने वाला पूर्ण चांद रात पूरे साल किसी भी पूर्णिमा से ज्यादा ऊपर चला जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि 21 दिसंबर को सर्दियों की संक्रांति (Winter Solstice) आएगी. उस दिन सूरज पूरे साल में सबसे नीचे रहेगा. चंद्रमा हमेशा सूरज की उल्टी दिशा में होता है इसलिए सूर्य जब सबसे नीचे होता है, तो चंद्रमा सबसे ऊपर चला जाता है.









