रायपुर। पुलिस परेड ग्राउंड में मंगलवार को गणतंत्र दिवस परेड के अभ्यास के दौरान उस वक्त अजीब हालात बन गए, जब हर्ष फायरिंग के अभ्यास में कई जवान रायफल का ट्रिगर तक नहीं खींच पाए। रायफल लोड करने से लेकर एक लय में फायरिंग करने की पूरी प्रक्रिया गड़बड़ा गई।
इस स्थिति को देखकर अभ्यास परेड की सलामी ले रहे एडीजी नक्सल ऑपरेशन एवं सशस्त्र बल विवेकानंद सिन्हा बेहद नाराज हो गए। उन्होंने प्लाटून को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि वे वर्ष 2021 से लगातार गणतंत्र दिवस परेड के अभ्यास में शामिल हो रहे हैं, इसके बावजूद इस तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।
सेना के प्रमुख बल ले रहे हैं हिस्सा
गणतंत्र दिवस परेड अभ्यास में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवान शामिल हैं। अभ्यास के दौरान जवान 26 जनवरी को होने वाली परेड में सेना के शौर्य और साहस का उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं।
रायफल की खामियों का दिया हवाला
हर्ष फायर फेल होने के बाद एडीजी की फटकार के बीच जवान सफाई देते नजर आए। कई जवानों ने रायफल में तकनीकी खामी होने की बात कहते हुए फायरिंग फेल होने का जिम्मा हथियारों पर डाल दिया। अधिकारियों ने सभी जवानों को समझाइश दी है और 26 जनवरी से पहले हर हाल में फायरिंग के लिए पूरी तरह ट्रेंड होने के निर्देश दिए गए हैं।
कमजोर प्रदर्शन करने वाले अभ्यास से होंगे बाहर
एडीजी विवेकानंद सिन्हा ने कहा कि गणतंत्र दिवस परेड अभ्यास में सशस्त्र बलों के अलग-अलग प्लाटून भाग ले रहे हैं। कई नए जवानों को हर्ष फायरिंग और परेड सिक्वेंस समझने में समय लग रहा है। यदि प्रदर्शन में सुधार नहीं हुआ तो ऐसे जवानों को अभ्यास से दूर किया जाएगा।








