बिलासपुर। सोशल मीडिया पर दोस्ती, मुलाकात और फिर ब्लैकमेलिंग से जुड़े एक मामले ने न्यायधानी बिलासपुर में सनसनी फैला दी है। पुलिस की तकनीकी जांच में एक ऐसा चौंकाने वाला मोड़ आया है, जिसके बाद शिकायत दर्ज कराने वाली युवती खुद कानून के दायरे में आ गई है। पुलिस ने आरोपी युवती के खिलाफ फर्जी डिजिटल पहचान बनाने और भ्रामक शिकायत दर्ज कराने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है।
इंस्टाग्राम पर जाल: 5 युवकों से बढ़ाई नजदीकियां
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी युवती इंस्टाग्राम के माध्यम से अलग-अलग युवकों से संपर्क स्थापित करती थी। बातचीत बढ़ने के बाद वह उन्हें मिलने के लिए बुलाती थी। आरोप है कि मुलाकात के दौरान उसने युवकों के कुछ निजी पलों के वीडियो तैयार कर लिए, जिन्हें बाद में ब्लैकमेलिंग के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया गया।
फर्जी आईडी बनाकर खुद को ही भेजे अश्लील वीडियो
मामले को पूरी तरह से नया मोड़ देने के लिए युवती ने एक शातिर योजना बनाई। उसने संबंधित युवकों के नाम से इंस्टाग्राम पर कई फर्जी (Fake) अकाउंट्स बनाए। इसके बाद, उन्हीं फर्जी अकाउंट्स से उसने अपने खुद के असली इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर वे वीडियो और आपत्तिजनक संदेश भेजे। ऐसा उसने इसलिए किया ताकि वह पुलिस और समाज के सामने यह साबित कर सके कि कोई युवक उसे परेशान और ब्लैकमेल कर रहा है।
पुलिस की तकनीकी जांच (Cyber Cell) में हुआ बड़ा खुलासा
युवती ने बिलासपुर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि एक युवक उसे अश्लील वीडियो भेजकर प्रताड़ित कर रहा है। मामला संवेदनशील होने के कारण पुलिस ने तत्काल डिजिटल और तकनीकी जांच शुरू की।
साइबर सेल ने जब संबंधित फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट्स के आईपी एड्रेस (IP Address), लॉगिन डिटेल्स और डिवाइस हिस्ट्री की पड़ताल की, तो चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। तकनीकी साक्ष्यों से यह साफ हो गया कि जिस फर्जी आईडी से वीडियो भेजे जाने का दावा किया जा रहा था, उसका संचालन किसी युवक द्वारा नहीं, बल्कि खुद शिकायतकर्ता युवती के ही मोबाइल फोन से किया जा रहा था।
युवती के खिलाफ मामला दर्ज, कानूनी कार्रवाई जारी
डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामले की दिशा बदलते हुए खुद युवती को ही आरोपी बनाया है। पुलिस ने उसके खिलाफ फर्जी डिजिटल पहचान तैयार करने, पुलिस को गुमराह करने और ब्लैकमेलिंग की साजिश रचने के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
बिलासपुर पुलिस की अपील:
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों और युवाओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अज्ञात लोगों से संपर्क करते समय अत्यधिक सतर्कता बरतें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या ब्लैकमेलिंग की स्थिति में तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें।










